नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून को हुए अंतरिम युद्धविराम समझौते के महज दस दिन बाद ही तनाव फिर खुलकर सामने आ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में एक व्यापारिक जहाज पर कथित ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल, ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार केंद्रों पर हवाई हमले किए। जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया है। इस बीच, शनिवार को ओमान के समुद्री क्षेत्र से निकल रहे एक तेल टैंकर पर भी हमला हुआ। रायटर के अनुसार, ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ के अनुसार, हमले में जहाज के कंट्रोल रूम को नुकसान पहुंचा, हालांकि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और तेल रिसाव नहीं हुआ। जहाजों की आवाजाही को लेकर बढ़ा विवाद तनाव की सबसे बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ता विवाद है। अमेरिका ने फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए ओमान के समुद्री क्षेत्र से नए नौवहन मार्ग तय किए हैं, जबकि ईरान का कहना है कि होर्मुज पर उसका नियंत्रण है और यहां से गुजरने वाले हर जहाज को उसकी अनुमति और निर्देशों का पालन करना होगा। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने चेतावनी दी है कि उसके निर्देशों की अनदेखी करने वाले जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उसकी नहीं होगी। अमेरिका का आरोप है कि 25 जून को होर्मुज से गुजर रहे सिंगापुर के मालवाहक जहाज एवर लवली पर ईरान ने ड्रोन हमला किया था। इसी के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों तथा निगरानी ठिकानों को निशाना बनाया। संचार टावर को पहुंचा नुकसान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने हमले का वीडियो भी जारी किया। ईरान ने दावा किया कि अमेरिकी हमले में सिरिक द्वीप के पास स्थित एक संचार टावर को नुकसान पहुंचा। इसके बाद ईरानी नौसेना ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। हालांकि, तेहरान ने हमलों के स्थानों का खुलासा नहीं किया। हालांकि, बहरीन ने आरोप लगाया कि ईरान ने उसके क्षेत्र की ओर कई ड्रोन भेजे, जिसे उसने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया। जहाजों के लिए बीमा व्यवस्था का प्रस्ताव एपी के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों के लिए विशेष बीमा व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव दिया है। आईआरजीसी के पूर्व कमांडर और सुप्रीम लीडर के सलाहकार मेजर जनरल मोहसिन रेजाई ने कहा कि दुर्घटना की स्थिति में नुकसान की भरपाई के लिए जहाजों का बीमा अनिवार्य होना चाहिए और इसका खर्च ईरानी जनता के बजाय तेल परिवहन कंपनियां उठाएं। हालांकि, बहरीन ने आरोप लगाया कि ईरान ने उसके क्षेत्र की ओर कई ड्रोन भेजे, जिसे उसने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया। जहाजों के लिए बीमा व्यवस्था का प्रस्ताव एपी के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों के लिए विशेष बीमा व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव दिया है। आईआरजीसी के पूर्व कमांडर और सुप्रीम लीडर के सलाहकार मेजर जनरल मोहसिन रेजाई ने कहा कि दुर्घटना की स्थिति में नुकसान की भरपाई के लिए जहाजों का बीमा अनिवार्य होना चाहिए और इसका खर्च ईरानी जनता के बजाय तेल परिवहन कंपनियां उठाएं। Post navigation हिड़मा के गढ़ करीगुंडम में विकास की दस्तक, 100% PM आवास स्वीकृत Venezuela : भूकंप के बाद भारत का ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’, भेजा पोर्टेबल अस्पताल ‘भीष्म क्यूब’