12 साल में शादी, कभी नहीं किया रोमांस, Sholay की ‘मौसी’ की कहानी

Leela -mishra

नई दिल्ली,एंटरटेनमेंट डेस्क : किसी भी फिल्म को तैयार करने में लीड एक्टर और एक्ट्रेस के अलावा एक बड़ी टीम बैकएंड पर काम करती है। इसके अलावा सपोर्टिंग आर्टिस्ट का भी बहुत बड़ा रोल होता है। लेकिन जब ‘सैयारा’ जैसी कोई फिल्म सक्सेस होती है तो मेहनत का पूरा फल अभिनेता और निर्देशक को ही मिलता है।

इसके अलावा वहीं अगर कोई फिल्म असफल होती है तो इसका ठीकरा भी उन्हीं के सर फोड़ा जाता है। एक समय ऐसा भी आता है जब क्रू को भी उनका हक मिलता है, लेकिन कुछ चेहरों की चर्चा उतनी नहीं होती, भले ही वे स्क्रीन पर दिखाई देते हों।

भूल भी नहीं सकते ऐसे किरदार

इनमें से कुछ कैरेक्टर्स अपने स्पेशल किरदार के लिए फेमस हो जाते हैं। लेकिन इन भूमिकाओं की मांग लगातार बदलती रहती है। ऐसी ही एक भूमिका साल 2000 के दशक में हुई जिसकी छवि आजतक हमारे दिमाग से हटी नहीं। हम बात कर रहे हैं शोले की मौसी लीला मिश्रा (Leela Mishra) की।

लीला मिश्रा का जन्म एक धनी परिवार में हुआ था। उनके पिता जमींदार थे। उनकी शादी 12 साल की उम्र में हो गई थी। बचपन में शिक्षा से दूर रहने की वजह से 17 साल की उम्र तक वह दो बच्चों की मां बन चुकी थीं। लीला फिल्मों में अपने पति की वजह से आईं क्योंकि वो एक अभिनेता थे और उन्होंने ही उनका परिचय मामा शिंदे से करवाया, जो दादासाहेब फाल्के की फिल्म कंपनी के एक कर्मचारी थे। शिंदे ने सुझाव दिया कि लीला मिश्रा को खुद अभिनय में आना चाहिए।

लीला मिश्रा की थी एक शर्त

इसके अलावा लीला मिश्रा के बारे में एक और बात प्रचलित है। लीला मिश्रा फिल्मों में किसी भी मर्द एक्टर को छूने और यहां तक की उनकी पत्नी की भूमिका निभाने से भी इनकार कर दिया था। इसी वजह से डायरेक्ट उन्हें आंटी, पड़ोसी या मौसी का किरदार देते थे। कहा तो ये तक जाता है कि लीला मिश्रा जब पहली बार सेट पर पहुंची थीं, तो उनके सिर पर पल्लू था, जिसे देखकर लोगों ने मजाक भी बनाया था। लीला ने लीड एक्ट्रेस बनने से इसलिए इनकार किया था क्योंकि वो रोमांटिक सीन नहीं करना चाहती थीं। उन्होंने अपने फिल्मी करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और ज्यादातर मां के रोल निभाए।