2 फिल्मों से कमाल अमरोही ने बॉलीवुड में रच दिया था इतिहास

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 नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क :कमाल अमरोही का नाम लेते ही फिल्म ‘महल’, ‘पाकीजा’, ‘दायरा’ और ‘रजिया सुल्तान’ का नाम याद आता है। कमाल अमरोही ने बहुत कम फिल्में निर्देशित कीं, लेकिन सबमें उन्होंने अपनी कला की अमिट छाप छोड़ी। वैसे तो वो 1938 से ही फिल्म जगत में कहानीकार और डायलॉग राइटर के रूप में उपस्थित थे, लेकिन उनको निर्देशक के रूप में पहचान मिली बांबे टाकीज की फिल्म ‘महल’ से।

जब ‘धर्म संकट’ में फंसे थे अशोक कुमार

आजादी के ठीक पहले देविका रानी ने 1946 में रशियन पेंटर रोरिक से शादी कर ली और बांबे टाकीज में उनकी रुचि कम हो गई। उन्होंने अभिनेता अशोक कुमार और सावक वाचा को 28 लाख रुपये में बांबे टाकीज बेच दिया। अशोक कुमार ने जब बांबे टाकीज संभाला तो उस समय स्वाधीनता आंदोलन चरम पर पहुंच चुका था। पूरे देश में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच तनाव की स्थिति थी। बांबे टाकीज में काम करने वाले हिंदू और मुस्लिम कर्मचारियों के बीच तनाव महसूस किया जा रहा था। उस दौर मेंअशोक कुमार और सावक वाचा ने बांबे टाकीज से कई हिंदू कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाकर मुस्लिम कर्मचारियों को काम पर रख लिया था।