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यरुशलम,डिजिटल डेस्क : फलस्तीनी बहुल वेस्ट बैंक में शुक्रवार को दो सैनिकों के मारे जाने के कुछ घंटे बाद वहां पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। इस कार्रवाई में दर्जनों घरों को ध्वस्त कर दिया गया और 1,200 फलस्तीनियों को उनके घरों से निकालकर अन्यत्र भेज दिया गया।

खाली घरों को इजरायली सेना ध्वस्त करेगी या उनमें ताला डालकर वहां पहुंचने वाले रास्ते बंद कर देगी। इजरायल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आदेश पर यह कार्रवाई संसदीय चुनाव के लिए होने वाले मतदान से महज तीन दिन पहले हुई है।

इस चुनाव में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी की जीत पर संदेह है। वेस्ट बैंक के हेब्रान शहर के नजदीक दो हथियारबंद फलस्तीनियों ने चेक प्वाइंट पर तैनात इजरायली सैनिकों पर फायरिंग कर दी थी जिसमें दो सैनिक मारे थे और तीन घायल हो गए थे। बाद में जवाबी फायरिंग में दोनों फलस्तीनी भी मारे गए।

इस घटना को इजरायली सेना ने आतंकी हमला बताया था और प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इलाके में सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया था। कार्रवाई में हेब्रान में प्रवेश के रास्तों पर बने अल-जालादाह और आईन दीर बाहा के चेक प्वाइंटों के नजदीक स्थित फलस्तीनियों के मकानों की भी तलाशी ली गई। इस तलाशी में आतंकियों, उपद्रवियों और हथियारों को ढूंढ़ा गया।

पता चला है कि इजरायली सेना ने कार्रवाई के दौरान करीब 70 फलस्तीनियों को हिरासत में लिया है। वेस्ट बैंक के फलस्तीनी प्राधिकरण ने सामूहिक दंड देने की इजरायली कार्रवाई की निंदा की है।

हेब्रान के निकाय प्रमुख यूसेफ जोहैर अल-जबारी ने कहा है कि 1,200 लोग को बेघर कर अन्यत्र भेज दिया गया है और 1,300 अन्य लोगों को भी इसके लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। कहा, नेतन्याहू और उनकी सरकार के कट्टरपंथी मंत्री चुनाव जीतने के लिए फलस्तीनियों का उत्पीड़न कर रहे हैं।