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नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क : हिंदी सिनेमा ने म्यूजिक लवर्स को कई सदाबहार, कल्ट और टाइमलेस गाने दिए हैं। लेकिन कुछ गीत ऐसे हैं जो 6-7 दशक पुराने होने के बावजूद आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं। लोग आज भी इन गानों को गुनगुनाते हैं और ये गाने कई बार रीक्रिएट भी किए जा चुके हैं।

आशा भोसले और किशोर दा की आवाज में हुआ अमर

आज हम एक ऐसे ही गाने की बात करने जा रहे हैं जो काफी खास है। खास इसलिए क्योंकि इसे हिट गायक जोड़ी किशोर कुमार (Kishore Kumar) और आशा भोसले (Asha Bhosle) ने गाया था। इतना ही नहीं इस गाने के बोल आज भी उतने ही रिलेटेबल हैं जितने तब थे।

नूतन और किशोर कुमार पर फिल्माया गया था ये गीत

68 साल पुराने इस गीत की खासियत इसकी मेलोडियस धुन, मीनिंगफुल लिरिक्स और टाइमलेस म्यूजिक है। इस गाने को नूतन (Nutan) और किशोर कुमार पर ही फिल्माया गया था। हम जिस गाने की बात कर रहे हैं उसके बोल हैं- ये रातें, ये मौसम नदी का किनारा, ये चंचल हवा’ (Yeh Raatein Yeh Mausam)।

गर्लफ्रेंड को मनाने में काम आएगा ये नगमा!

यह गाना 1958 में रिलीज हुई फिल्म ‘दिल्ली का ठग’ (Dilli Ka Thug) के लिए बनाया गया था। जिसमें नूतन और किशोर ने लीड रोल निभाया था। इस गाने को रवि ने कंपोज किया था और शैलेंद्र ने लिरिक्स लिखे थे। फिल्म में, यह गाना एक हल्के-फुल्के तरीके से मनाने के लिए इस्तेमाल किया गया है। किशोर कुमार का किरदार इसे नूतन के किरदार के लिए हवादार छत पर गाता है, ताकि बहस के बाद उसका गुस्सा शांत हो सके और वह उनके साथ ही रहे।

आशा भोसले का यह मधुर, चंचल गायन उस दौर के उनके बेस्ट रोमांटिक गानों में से एक माना जाता है। वहीं इस गाने की मशहूर लाइन ‘कहा दो दिलों ने, ये मिलकर कभी हम, न होंगे जुदा’ शैलेन्द्र के सबसे बेस्ट रोमांटिक सॉन्ग्स में से एक है।