दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते तनाव में कमी आने के संकेत

donald trump-xijinping

नई दिल्ली , डिजिटल डेस्क : आसियान सम्मेलन के दौरान अमेरिका और चीन ने बहुप्रतीक्षित व्यापार सौदे की रूपरेखा तय कर ली है, जिससे दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते तनाव में कमी आने के संकेत मिले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ होने वाली आगामी मुलाकात पर विश्वास जताते हुए कहा कि हम एक व्यापक समझौते के बहुत करीब हैं।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर ने चीनी उपप्रधानमंत्री हे लीफेंग और शीर्ष वार्ताकार ली चेंगगांग से पांचवें दौर की वार्ता की। दोनों पक्षों ने बताया कि बातचीत “रचनात्मक और गहन” रही तथा व्यापार संतुलन, दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ), कृषि आयात, फेंटेनाइल संकट और टिकटाक जैसे संवेदनशील मुद्दों पर प्रारंभिक सहमति बनी है।

बेसेंट ने दिया ये संकेत

उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि चीनी सामान पर 100 परसेंट टैरिफ बढ़ाने की अमेरिकी धमकी को असल में खत्म कर दिया गया है, बदले में बीजिंग अपने ग्लोबल रेयर अर्थ एक्सपोर्ट पर रोक को टाल देगा। बेसेंट ने कहा, “टैरिफ टल जाएंगे।”

उन्होंने कहा कि एक्सपोर्ट कंट्रोल पर, चीन इसे एक साल के लिए टाल देगा, जब तक वे इसकी दोबारा जांच नहीं कर लेते।

दोनों पक्षों की बातचीत के बाद क्या मिले संकेत ?

चीन ने संकेत दिए हैं कि यदि समझौता अंतिम रूप लेता है तो वह रेयर अर्थ के निर्यात पर अपने नियंत्रणों को नरम कर सकता है, जबकि अमेरिका ने भी 100 प्रतिशत नए टैरिफ टालने की संभावना जताई है। दोनों देश मौजूदा व्यापार युद्ध को और बढ़ने से रोकने के लिए समझौते को बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। ये समझौता 10 नवंबर को समाप्त होने वाला है।ट्रंप ने कहा, “वे भी समझौता चाहते हैं और हम भी। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम होगा।”

वहीं चीन के वार्ताकार ली चेंगगांग ने कहा कि दोनों देश “आंतरिक अनुमोदन प्रक्रिया” में आगे बढ़ रहे हैं, जिसके बाद नेताओं की बैठक में अंतिम निर्णय होगा।

एशिया में अमेरिका प्रभाव का ट्रंप ने दिया संकेत

आसियान सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने थाईलैंड और कंबोडिया के बीच संघर्ष विराम समझौते की घोषणा में भी भाग लिया, खुद को “वैश्विक शांति निर्माता” के रूप में प्रस्तुत किया और एशिया में अमेरिकी प्रभाव बढ़ाने की रणनीति का संकेत दिया।आगामी ट्रंप-शी मुलाकात को विश्व बाजार उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है, क्योंकि यह तय करेगी कि व्यापारिक तनाव शांत होंगे या नए दौर की चुनौतियां सामने आएंगी।

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