नई दिल्ली वर्ल्ड डेस्क : Pakistan-Libya arms deal : लीबिया की विद्रोही सेना लिबियन नेशनल आर्मी के साथ पाकिस्तान द्वारा किया गया करीब 4 अरब डॉलर का हथियार सौदा अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है और इससे लीबिया में जारी गृहयुद्ध और भड़क सकता है। एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यह कदम पाकिस्तान की वैश्विक साख को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है और उस पर प्रतिबंधों का खतरा भी बढ़ा सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने हफ्तार की लिबियन नेशनल आर्मी से जेएफ-17 सहित आधुनिक हथियारों की आपूर्ति का समझौता किया, जो हालिया आधिकारिक यात्रा के दौरान तय हुआ
‘वन वर्ल्ड आउटलुक’ की रिपोर्ट के मुताबिक
‘वन वर्ल्ड आउटलुक’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने विवादित सैन्य कमांडर खलीफा हफ्तार के नेतृत्व वाली लिबियन नेशनल आर्मी के साथ यह समझौता किया है। यह सौदा पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की हालिया यात्रा के दौरान हफ्तार के बेटे मेजर जनरल साद्दाम हफ्तार से मुलाकात के बाद तय हुआ बताया जा रहा है। समझौते के तहत जेएफ-17 लड़ाकू विमान, टैंक, तोपखाने और अन्य आधुनिक हथियारों की आपूर्ति शामिल है।
सौदा पाकिस्तान के लिए बड़ा रक्षा निर्यात लगता है, पर यूएन प्रतिबंध तोड़कर लीबिया संघर्ष और लंबा करने का खतरा
रिपोर्ट के अनुसार, सतह पर यह पाकिस्तान के रक्षा उद्योग के लिए अब तक का सबसे बड़ा निर्यात सौदा लग सकता है, लेकिन इसके गंभीर नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। यह सौदा न सिर्फ संयुक्त राष्ट्र के हथियार प्रतिबंध का उल्लंघन है, बल्कि लीबिया में चल रहे खूनी संघर्ष को और लंबा खींचने वाला कदम भी है।
लीबिया पर 2011 से यूएन हथियार प्रतिबंध लागू है; विद्रोही लिबियन नेशनल आर्मी को हथियार देना नियमों का उल्लंघन
रिपोर्ट में कहा गया है कि लीबिया पर 2011 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा हथियार प्रतिबंध लगाया गया था, जिसका उद्देश्य देश में हथियारों की आपूर्ति रोककर संघर्ष को कम करना था। लिबियन नेशनल आर्मी, त्रिपोली स्थित संयुक्त राष्ट्र मान्यता प्राप्त सरकार नहीं है, बल्कि एक अलग-थलग और विद्रोही सैन्य गुट है। ऐसे में उसे हथियार देना अंतरराष्ट्रीय नियमों की सीधी अवहेलना है।
इस सौदे से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को गहरा झटका लग सकता है
रिपोर्ट ने चेताया कि इस सौदे से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को गहरा झटका लग सकता है। एक ओर देश में सेना-प्रभावित शासन पर लोकतांत्रिक सुधारों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह के हथियार सौदे “सैन्य साहसिकता” के आरोपों को और मजबूत करते हैं।
यह कदम पाकिस्तान को यूएन शांति प्रक्रिया विरोधी गुटों के करीब दिखाकर, राजनीतिक समाधान समर्थक सहयोगियों से तनाव बढ़ाएगा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह कदम पाकिस्तान को ऐसे गुटों और शासनों के करीब दिखाता है, जो संयुक्त राष्ट्र की शांति प्रक्रिया के खिलाफ हैं। इससे पाकिस्तान के उन सहयोगी देशों के साथ संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं, जो लीबिया में राजनीतिक समाधान और स्थिरता का समर्थन करते हैं।
अल्पकालिक आर्थिक लाभ वाला फैसला दीर्घकालिक कूटनीतिक, नैतिक, रणनीतिक नुकसान बनकर पाकिस्तान को वैश्विक अलगाव की ओर धकेल सकता है
रिपोर्ट के मुताबिक, अल्पकालिक आर्थिक लाभ के लिए किया गया यह फैसला दीर्घकालिक कूटनीतिक, नैतिक और रणनीतिक नुकसान में बदल सकता है, जिससे पाकिस्तान और अधिक वैश्विक अलगाव की ओर बढ़ सकता है।
