दूसरा नौसैनिक बेड़ा आगे बढ़ रहा है, ट्रंप ने ईरान को दी धमकी

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नई दिल्ली ,डिजिटल डेस्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर सख्त रुख बरकरार है। उन्होंने सैन्य दबाव बढ़ाने के साथ ही तेहरान के साथ बातचीत पर भी जोर दिया और कहा कि ईरान की तरफ एक और आर्माडा बढ़ रहा है।

ट्रंप ने ईरान को लेकर अपने सख्त रुख को ऐसे समय दोहराया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है।

ट्रंप ने ईरान को बातचीत का संदेश दिया

आयोवा के क्वाइव में एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य तैनाती में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘एक और खूबसूरत आर्मडा ईरान की तरफ बढ़ रहा है।

मुझे उम्मीद है कि वे एक समझौता करेंगे। उन्हें पहली बार समझौता कर लेना चाहिए। तब उनके पास एक देश होगा।’ उनका यह बयान अमेरिकी शक्ति को जाहिर करने वाला प्रतीत होता है और कूटनीति के लिए दरवाजा भी खुला रखता है।

ट्रंप ने पिछले सप्ताह भी इसी तरह का बयान दिया था। तब उन्होंने कहा था, ‘हमारे पास एक आर्माडा है, जो उस दिशा में बढ़ रहा है और शायद हमें इसका उपयोग नहीं करना पड़े।’ जब कई युद्धपोत एक साथ किसी मिशन या युद्ध के लिए रवाना होते हैं तो उसे आर्माडा कहा जाता है।

ईरान बातचीत के लिए तैयार

बता दें कि ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने को लेकर कई बार चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने यह धमकी तक दे डाली थी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई तो अमेरिका मदद के लिए आएगा।

ट्रंप की बयानबाजी पर ईरान भी कई बार धमकी दे चुका है। इससे दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है।

आईएएनएस, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि उनका देश अपने नागरिकों के अधिकारों की पूरी तरह सुरक्षा करने के साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत शांति और युद्ध रोकने के लिए किसी भी प्रक्रिया का स्वागत करता है।

उन्होंने यह बात मंगलवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के साथ फोन पर वार्ता में कही।

ट्रंप ने इराक को दी चेतावनी

एपी के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को इराक को चेतावनी दी कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी की सत्ता में वापसी होती है तो अमेरिका इस देश का समर्थन नहीं करेगा।

ट्रंप ने यह धमकी ऐसे समय दी है, जब कुछ दिन पहले ही इराक की शिया पार्टियों के एक बड़े राजनीतिक गुट ने नूरी के नामांकन का समर्थन करने की घोषणा की। ट्रंप प्रशासन नूरी को ईरान का करीबी मानता है।

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