सुकमा, संवाददाता :सुकमा जिले की ‘सक्षम कोचिंग’ योजना के तहत प्रशिक्षित 35 युवाओं का सीआरपीएफ आरक्षक भर्ती में चयन हुआ है। जहां 24 जनवरी को रायपुर में वर्चुअल नियुक्ति पत्र वितरण के बाद गुरुवार को चयनित अभ्यर्थियों ने कलेक्टर अमित कुमार से मुलाकात की।
सुकमा जिले में जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘सक्षम कोचिंग’ योजना के तहत प्रशिक्षित 35 स्थानीय युवाओं ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की आरक्षक भर्ती परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी करने में सहायता प्रदान करना है।
चयनित अभ्यर्थियों को 24 जनवरी 2026 को रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इन सभी युवाओं की नियुक्ति 23 फरवरी 2026 को बिलासपुर स्थित उप महानिरीक्षक कार्यालय में होगी।
चयनित युवाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर अमित कुमार से मुलाकात की
चयनित युवाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर अमित कुमार से मुलाकात की। कलेक्टर ने उन्हें उनकी नई जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने और प्रशिक्षण अवधि को गंभीरता से लेने की सलाह दी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन की ओर से मार्गदर्शन और सहयोग हमेशा उपलब्ध रहेगा।
‘सक्षम कोचिंग’ के तहत सीआरपीएफ विशेष बैच की कक्षाएं 26 सितंबर से 21 नवंबर 2025 तक आयोजित की गई थीं। नोडल अधिकारी वीरूपाक्ष पौराणिक के निर्देशन में इन कक्षाओं में शारीरिक दक्षता, लिखित परीक्षा और सामान्य जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में ‘सक्षम कोचिंग’ के माध्यम से कुल 56 अभ्यर्थियों का विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में चयन हुआ है
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में ‘सक्षम कोचिंग’ के माध्यम से कुल 56 अभ्यर्थियों का विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में चयन हुआ है। इनमें छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले 7 अभ्यर्थी भी शामिल हैं, जिन्होंने मुख्य परीक्षा के लिए अर्हता हासिल की है।
भविष्य की योजनाओं के तहत, 2 फरवरी 2026 से ‘बस्तर फाइटर्स’ भर्ती के लिए एक विशेष प्रशिक्षण बैच शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, व्यापम और सीजीपीएससी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कक्षाएं, डिजिटल लाइब्रेरी, वाई-फाई और छात्रावास की सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। यह पहल सुकमा जिले के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
