नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क :US military Strikes Another Drug Boat: अमेरिका की तरफ से पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग तस्करी कर रहे नावों पर हमले जारी है। ताजा कार्रवाई में अमेरिकी सेना ने एक नाव पर हमला किया, जिस पर तस्करी करने का आरोप है। अमेरिका की इस कार्रवाई में तीन लोगों की मौत की खबर है। अमेरिकी सेना ने पूर्वी प्रशांत महासागर में एक और नाव पर हमला किया है, जिस पर ड्रग्स की तस्करी करने का आरोप था। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी सेना के साउदर्न कमांड के मुताबिक, यह नाव उन रास्तों से गुजर रही थी जिन्हें ड्रग तस्करी के लिए जाना जाता है। सेना का दावा है कि नाव नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल थी। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में नाव पहले समुद्र में तैरती दिखती है और फिर अचानक विस्फोट के साथ आग लग जाती है। अब तक कितने हमले हुए सितंबर की शुरुआत से अब तक ऐसे 43 हमले किए जा चुके हैं। इन हमलों में कम से कम 148 लोगों की मौत हो चुकी है। ये कार्रवाई कैरिबियन सागर और पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में हुई है। ट्रंप सरकार का क्या कहना है?अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका लैटिन अमेरिका के ड्रग कार्टेल के साथ सशस्त्र संघर्ष में है। इन हमलों को उन्होंने ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए जरूरी कदम बताया है। आलोचना क्यों हो रही है?वहीं, आलोचकों और विशेषज्ञों ने कई सवाल उठाए हैं और कहा कि ट्रंप सरकार ने यह साबित करने के लिए कम सबूत दिए हैं कि मारे गए लोग नार्को-टेररिस्ट थे। कई विशेषज्ञ कहते हैं कि अमेरिका में फैलने वाला खतरनाक ड्रग फेंटेनाइल ज्यादातर जमीन के रास्ते मेक्सिको से आता है, समुद्र से नहीं। पहले हमले में घायल बचे लोगों पर दोबारा हमला करने की घटना के बाद इसे कानूनी और नैतिक रूप से गलत बताया गया। ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई पर राजनीतिक विवादएक तरफ जहां रिपब्लिकन नेताओं ने इसे कानूनी और जरूरी कार्रवाई बताया। वहीं डेमोक्रेटिक नेताओं और कानून विशेषज्ञों ने इसे हत्या या युद्ध अपराध तक कहा। Post navigation UP : शिक्षामित्रों का खत्म हुआ नौ साल का वनवास राज्य सरकार महिला केंद्रित पर्यटन नीति (शी टूरिस्ट पॉलिसी) तैयार करने जा रही है