वकील नील कत्याल की दलीलों के आगे टिक नहीं सका ट्रंप टैरिफ, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने किया रद

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नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : दुनिया के तमाम देशों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए मनमाने टैरिफ को रद करने में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले में भारतवंशी वकील नील कत्याल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सुप्रीम कोर्ट में कत्याल की दलीलों के समक्ष राष्ट्रपति का आदेश टिक नहीं सका और कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया।

भारतीय आप्रवासी माता-पिता की संतान कत्याल राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के समय अमेरिका के कार्यवाहक सालिसिटर जनरल रह चुके हैं। उन्होंने छोटे कारोबारियों की ओर से इस महत्वपूर्ण टैरिफ मामले की पैरवी की और जीत हासिल की।

कत्याल ने ट्रंप द्वारा 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम का उपयोग करके लगभग हर व्यापारिक साझेदार से आयात पर “अन्यायपूर्ण, असंवैधानिक टैरिफ” लगाने के खिलाफ तर्क दिया।

SC के फैसले पर कत्याल ने क्या कहा ?

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद शुक्रवार को कत्याल ने एक्स पर पोस्ट किया, “जीत!” एमएस नाउ को इंटरव्यू में कात्याल ने कहा, मैं आप्रवासी का बेटा अदालत में जाकर अमेरिकी छोटे कारोबारियों की ओर से यह कह सका कि राष्ट्रपति गैरकानूनी तरीके से काम कर रहे हैं। यह अमेरिकी प्रणाली की सबसे अच्छी बातों में से एक है।

हमारे पास सिस्टम है जो हमें यह कहने की अनुमति देती है कि ‘आप दुनिया के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति हो सकते हैं लेकिन आप फिर भी संविधान नहीं तोड़ सकते। गौरतलब है कि कत्याल का जन्म 1970 में शिकागो में हुआ था। उनकी मां बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर और पिता इंजीनियर हैं। दोनों भारत से अमेरिका गए थे।

बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं कत्याल

  • कत्याल मिलबैंक एलएलपी के वाशिंगटन डीसी कार्यालय में पार्टनर और जार्जटाउन यूनिवर्सिटी ला सेंटर में ला के प्रोफेसर हैं। हार्वर्ड और येल ला स्कूलों में विजिटिंग प्रोफेसर भी रहे हैं।
  • अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में 54 मामलों की पैरवी की है। जार्ज फ्लायड की हत्या मामले में मिनेसोटा राज्य के विशेष अभियोजक रहे। ट्रंप के 2017 के यात्रा प्रतिबंध मुकदमे में पैरवी कर चुके हैं।
  • अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा “नागरिक को दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार,” एडमंड रैंडोल्फ पुरस्कार मिल चुका है। ‘इम्पीच: द केस अगेंस्ट डोनाल्ड ट्रंप’ नामक पुस्तक के लेखक हैं।
  • अमेरिका के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें 2011 और 2014 में संघीय अपीलीय नियमों पर सलाहकार समिति में नियुक्त किया। 2017 और 2023 में द अमेरिकन लायर ने लिटिगेटर आफ द ईयर नामित किया था। 2024 और 2025 में अमेरिका के शीर्ष 200 वकीलों की फोर्ब्स सूची में शामिल थे।
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