नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तानी सरकारी मीडिया और सूत्रों ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान एयर फोर्स ने आज रात (27 फरवरी 2026) ऑपरेशन ‘गजब लिल हक’ के तहत अफगानिस्तान में तालिबान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इस कार्रवाई में 72 तालिबान लड़ाकों के मारे जाने की खबर है।
यह ऑपरेशन अफगान तालिबान द्वारा पाकिस्तान की सीमा पर “बिना उकसावे” के हमलों के जवाब में शुरू किया गया है, जिसमें तालिबान ने दावा किया था कि 55 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कई चौकियां कब्जा कर ली गईं। पाकिस्तान ने इसे “बिना उकसावे की आक्रामकता” करार दिया और तुरंत जवाबी कार्रवाई की।
पाकिस्तानी दावे के अनुसार प्रमुख लक्ष्य और नुकसान
- काबुल में दो ब्रिगेड मुख्यालय पूरी तरह नष्ट किए गए।
- कंधार में एक कोर मुख्यालय, एक ब्रिगेड मुख्यालय, गोला-बारूद डिपो और लॉजिस्टिक्स बेस को तबाह किया गया।
- पक्तिया प्रांत में एक कोर मुख्यालय को निशाना बनाया गया और नष्ट कर दिया गया।
- कुल मिलाकर: 133 तालिबान लड़ाके मारे गए, 200 से अधिक घायल हुए।
- 27 चेकपोस्ट/पोस्ट नष्ट, 9 पर कब्जा।
- 2 कोर हेडक्वार्टर, 3 ब्रिगेड हेडक्वार्टर, 3 बटालियन हेडक्वार्टर, 2 सेक्टर हेडक्वार्टर नष्ट।
- 80+ टैंक, आर्टिलरी और एपीसी तबाह।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर इन हमलों की पुष्टि की और कहा कि ये “सटीक और प्रभावी” थे, जिनका मकसद तालिबान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था। पाकिस्तानी राज्य मीडिया पीटीवी ने भी इसकी लाइव अपडेट्स जारी कीं, जिसमें कहा गया कि कई हाई-वैल्यू टारगेट्स को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया।
अफगान तालिबान की प्रतिक्रिया
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान के हमलों को “कायरतापूर्ण” बताया और काबुल, कंधार तथा पक्तिया में हवाई हमलों की पुष्टि की। उन्होंने दावा किया कि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और जवाबी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। अफगानिस्तान ने इन हमलों को “निरंतर आक्रामकता” का हिस्सा करार दिया।
हमलों 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए
तालिबान के नेतृत्व वाली अफगान सरकार ने गुरुवार (स्थानीय समय) को कहा कि उसकी सेनाओं ने एक बड़े सीमा अभियान के दौरान 19 पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया और 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। सरकार ने इसे अफगान धरती पर हाल ही में हुए पाकिस्तानी हवाई हमलों का जवाब बताया। वहीं, तालिबान के हमलों के जबाव में पाकिस्तान ने भी काबुल में हवाई हमले किए हैं।
