नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि मंगलवार को दो गैस संयंत्रों और एक पाइपलाइन को निशाना बनाया गया। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला न करने की टिप्पणी के बाद किया गया।
फार्स न्यूज एजेंसी ने कहा,
“इजरायली और अमेरिकी दुश्मन के लगातार हमलों के तहत, इस्फहान में कावेह स्ट्रीट पर गैस एडमिनिस्ट्रेशन बिल्डिंग और गैस प्रेशर रेगुलेशन स्टेशन को निशाना बनाया गया।” सेंट्रल ईरान में फैसिलिटी को हुए “थोड़े नुकसान” को रिपोर्ट करने वाला फार्स ईरान का अकेला न्यूज आउटलेट है। इसने कहा कि एक हमले में देश के दक्षिण-पश्चिम में खोर्रमशहर पावर प्लांट की गैस पाइपलाइन को भी निशाना बनाया गया।
फार्स ने इराक की सीमा से लगे शहर के गवर्नर के हवाले से बताया, “खोर्रमशहर गैस पाइपलाइन प्रोसेसिंग स्टेशन के बाहर के इलाके में एक प्रोजेक्टाइल गिरा।”गवर्नर के हवाले से बताया कि ईरान के खोर्रमशहर पावर प्लांट की गैस पाइपलाइन को निशाना बनाकर किए गए हमले से प्लांट के ऑपरेशन में कोई रुकावट नहीं आई और न ही कोई नुकसान पहुंचा है।
वहीं, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ पोस्ट में दावा किया कि उनके लोग मिडिल ईस्ट तनाव कम करने के लिए प्रयासरत हैं। ईरान के साथ सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत जारी है। इसी को देखते हुए उन्होंने पांच दिनों तक ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले न करने का निर्देश दिया है।
हालांकि इसके बाद ईरान का जवाब आया। ईरान ने कहा है कि वह मौजूदा संघर्ष में पीछे हटने वाला नहीं है। स्पष्ट कहा कि जब तक उसे हुए नुकसान की भरपाई नहीं होती, तब तक जंग जारी रहेगी।
ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रजेई ने कहा कि ईरान की शर्तें स्पष्ट हैं, सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और अमेरिका भविष्य में उसके देश में दखलंदाजी नहीं करेगा इसकी ठोस गारंटी दी जाए।
