नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : एक प्रमुख मानवाधिकार समूह ने मंगलवार को पाकिस्तान के सिंधु प्रांत में 15 वर्षीय हिंदू लड़की के हालिया अपहरण पर चिंता व्यक्त की है, जो इस्लामिक देश में अल्पसंख्यक लड़कियों के प्रति संवेदनहीनता को उजागर करता है।
परिवार और समुदाय के सदस्यों का हवाला देते हुए वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी (VOPM) ने बताया कि मीरान मेघवार का उसके घर से तारेक काउरी और अल्ला डीनो काउरी नाम के दो लोगों अपहरण कर लिया। इससे हिंदू लड़की का परिवार निराशा में डूब गया है।
पाकिस्तान में नाबालिग हिंदू लड़की का अपहरण
मानवाधिकार संगठन ने कहा कि पुलिस में मामला दर्ज होने के बावजूद, लड़की कहां है, इसका कुछ अता-पता नहीं चला है। सिंधु में हाशिए पर रहने वाले हिंदू समुदायों (मेघवार, भील, और कोल्ही) के लिए मीरान का लापता होना कोई अलग घटना नहीं है, बल्कि एक दिल दहला देने वाले पैटर्न का हिस्सा है।
यह एक स्पष्ट संकेत है कि ग्रामीण सिंधु में अल्पसंख्यक हिंदू लड़कियों के लिए सुरक्षा कितनी कमजोर हो सकती है। मेघवार परिवार ने सार्वजनिक रूप से त्वरित कार्रवाई की अपील की है।
पुलिस अधिकारियों और नागरिक समाज से आग्रह किया है कि वे उनकी बेटी के अगवा होने को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि वे केवल मीरान सुरक्षित, स्वतंत्र और बिना किसी नुकसान के वापस चाहते हैं।
मीरपुरखास में समुदाय ने परिवार के समर्थन में एकजुटता दिखाई है। उनके न्याय की मांग को दोहराते हुए एक निवासी ने बढ़ती चिंताओं के बीच कहा, ‘न्याय में देरी, न्याय से वंचित होना है।’
हिंदू समुदाय के लोगों का यह भी तर्क है कि बहुत से मामले अनसुलझे या समय के साथ भुला दिए जाते हैं, जिससे परिवार टूट जाते हैं और समान सुरक्षा में विश्वास कमजोर होता है।
