नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : पाकिस्तान ने दावा किया था कि वह अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए सीधी बातचीत की मेजबानी करने के लिए तैयार है, लेकिन पाकिस्तान के इस प्रस्ताव को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।
मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है, सिर्फ बिचौलियों के जरिए ही बहुत ज्यादा और बेतुकी मांगें भेजी गई हैं।
ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का प्रस्ताव
महावाणिज्य दूतावास ने एक बयान में कहा, ‘अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई, सिर्फ बिचौलियों के जरिए बहुत ज्यादा और बेतुकी मांगें भेजी गई हैं। अमेरिका की कूटनीति लगातार बदलती रहती है, लेकिन हमारा रुख साफ है।’
ईरान के मंत्री ने आगे कहा, ‘पाकिस्तान के मंच उनके अपने हैं, हमने उनमें हिस्सा नहीं लिया। युद्ध खत्म करने की क्षेत्रीय अपीलों का स्वागत है, लेकिन याद रखें कि इसे शुरू किसने किया था!’
इस्लामाबाद में हुई मीटिंग
पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करवाने की घोषणा रविवार को की थी। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने इस्लामाबाद में सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की के अपने समकक्षों के साथ कई घंटों तक बातचीत की मेजबानी की।
इशाक डार ने एक टेलीविजन बयान में कहा कि पाकिस्तान में आए हुए मंत्रियों ने इस्लामाबाद में होने वाली संभावित US-ईरान वार्ता के लिए अपना पूरा समर्थन जाहिर किया है।
इशाक डार ने यह भी दावा किया कि उन्होंने और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कई बार ईरान सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से बातचीत की है।
डार ने दावा किया कि वो ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची से भी बात कर चुके हैं। इस्लामाबाद में रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच बातचीत हुई, लेकिन इसमें अमेरिका, इजरायल या ईरान का कोई भी प्रतिनिधि शामिल नहीं था।
पाकिस्तान के मिडिल ईस्ट में युद्ध रुकवाने के प्रस्ताव पर ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत करने से साफ मना कर दिया है।
