लखनऊ, डॉ.जितेंद्र बाजपेयी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित किए। इस दौरान उन्होंने बड़ी घोषणा की।
इस वर्ष पांच हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 60 हजार सहायिकाओं की भर्ती होगी। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 69804 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम में यह घोषणा की।
लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय भी स्मार्ट होना चाहिए। इसे जल्द ही सम्मानजनक किया जाएगा और पूरी व्यवस्था को तकनीक से जोड़कर पारदर्शी बनाया जाएगा। सीएम ने कहा कि अप्रैल से आउटसोर्स कर्मियों के लिए लागू की जा रही नई व्यवस्था लागू में न्यूनतम वेतन की गारंटी होगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्टफोन देने से अब रियल टाइम डाटा अपलोड होगा और राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की रैंकिंग बेहतर होगी। उन्होंने बताया कि 46 जिलों में 18440 नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में अन्य चयन प्रक्रियाएं जारी हैं। सीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन की डिजाइन का भी विमोचन किया।
18440 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपे नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम में सीएम ने 18440 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। 702 आंगनबाड़ी केंद्रों और 71 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का शिलान्यास तथा 2468 आंगनबाड़ी केंद्रों और 69 परियोजना कार्यालयों का लोकार्पण भी किया गया। इस दौरान ग्रोथ मानिटरिंग के लिए स्टेडियोमीटर, इन्फेंटोमीटर और वेट मशीन जैसे उपकरण भी वितरित किए गए।
बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा और पोषण एक ही मंच पर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी शिक्षा संचालित की जा रही है। इसके तहत 27 हजार केंद्रों को आंगनबाड़ी व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिससे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और पोषण एक ही मंच पर सुनिश्चित होगा। सुपोषित भारत को देश के भविष्य की बुनियाद बताते हुए कहा कि यह अभियान सिर्फ पोषण नहीं, बल्कि सशक्त और साक्षर भारत की नींव तैयार करने का मिशन है। सीएम ने सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम में ये बातें कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता “यशोदा मैया” की भूमिका निभा रही हैं, जो देश के भविष्य को गढ़ने का काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 35 लाख बच्चों को प्रतिदिन पौष्टिक गर्म भोजन दिया जा रहा है और कुपोषण के खिलाफ बड़े स्तर पर सुधार हुआ है। पहले पोषाहार वितरण में माफियाओं का दखल था, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होती थी, जबकि अब पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे तकनीक का अधिकतम उपयोग करें और “स्मार्ट आंगनबाड़ी” के लक्ष्य को जमीन पर उतारें।
कुपोषण व बौनापन पहले से घटा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में चलाए गए अभियानों के तहत बड़े पैमाने पर सुधार हुआ है। लगभग 1.70 करोड़ बच्चों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई है। डेढ़ लाख कुपोषित बच्चों में से 80 प्रतिशत से अधिक को सुपोषित श्रेणी में लाया गया है। बौनापन दर 48 प्रतिशत से घटकर 37 प्रतिशत तक आ गई है।
कुपोषित माताओं के पोषाहार पर काबिज था शराब माफिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले पोषाहार वितरण पर उत्तर भारत का सबसे बड़े शराब माफिया ने कब्जा कर लिया था। तत्कालीन सरकार ने पैसा लेकर उसे ठेका दे रखा था। सरकार में आए तो मुझे जानकारी मिली कि शराब माफिया महिला एवं बाल विकास विभाग में भी घुसा हुआ था और वही विभाग चला रहा है। राशन भी वही तय करता था। कहीं पहुंचता था, कहीं नहीं। यह पाप कौन करता था? ये वही लोग हैं जो जाति के नाम पर समाज को बांटकर समाज की सुरक्षा में सेंध लगाते हैं और कुपोषित बच्चों व माताओं के पोषाहार पर डकैती डालते थे।
