बलिया, संवाददाता :Ballia News: इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों की सघन जांच की जाएगी, ताकि फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
शिक्षा क्षेत्र पंदह के प्राथमिक विद्यालय नोनिहरा (बाछापार) में तैनात प्रधानाध्यापक ध्रुवनाथ यादव को फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने के आरोप में पद से हटा दिया गया है। जांच में बीए की मार्कशीट में हेरफेर पाए जाने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मनीष सिंह ने कार्रवाई करते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार ध्रुवनाथ यादव की बीए की अंकतालिका में 59 अंकों की वृद्धि पाई गई, जो स्पष्ट रूप से फर्जीवाड़ा दर्शाता है। आरोप है कि उन्होंने इसी संशोधित अंकपत्र के आधार पर नौकरी हासिल की और लंबे समय से प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे।
बर्खास्त किया गया आरोपी
बीएसए द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि ध्रुवनाथ यादव का चयन उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली के तहत प्राविधिक चयन समिति द्वारा किया गया था। चयन के बाद उन्हें प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर एक वर्ष के परिवीक्षाकाल पर नियुक्त किया गया था, जिसके बाद वे पदोन्नति पाकर प्रधानाध्यापक बने।
नियुक्ति के दौरान ध्रुवनाथ यादव ने नोटरी के माध्यम से एक शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया था, जिसमें उन्होंने अपनी सभी शैक्षणिक पत्रावलियों को सही और प्रमाणिक बताया था। शपथ पत्र में यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि यदि भविष्य में उनके दस्तावेज गलत या फर्जी पाए जाते हैं, तो उनकी नियुक्ति स्वतः निरस्त कर दी जाएगी।
ऐसे हुआ खुलासा
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब गौरी पकड़ी निवासी दिनेश कुमार यादव ने 7 सितंबर 2025 को सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), आजमगढ़ मंडल को शिकायत पत्र सौंपा। शिकायत के आधार पर संबंधित शिक्षक की शैक्षणिक योग्यता की जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एडी बेसिक के निर्देश पर बीएसए ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया।
