नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : खालिस्तानी चरमपंथी समूह सिख्स फार जस्टिस द्वारा कनाडा में हिंदू मंदिरों के बाहर विरोध प्रदर्शन की धमकी दिए जाने पर कई वैश्विक हिंदू संगठन बिफर उठे हैं। उन्होंने इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने अधिकारियों से धार्मिक स्थलों और समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
सिख्स फार जस्टिस ने ‘हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन’ के विरोध में पांच अप्रैल को ब्रांपटन के त्रिवेणी मंदिर और सरे के लक्ष्मी नारायण मंदिर के सामने ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ रैलियां निकालने की घोषणा की है। फाउंडेशन ने इन प्रस्तावित रैलियों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि हिंदू समुदाय को भारत से उसके प्राचीन जुड़ाव या उसकी मूल सांस्कृतिक पहचान के कारण निशाना बनाना सीधे-सीधे परदेसियों से नफरत और हिंदू-विरोध है।
संगठन ने पुलिस से आग्रह किया कि वह मंदिरों के परिसर और श्रद्धालुओं के लिए पूरे दिन सुरक्षा सुनिश्चित करे। इस बीच, नार्थ अमेरिका के हिंदुओं के गठबंधन ने भी खालिस्तानी चरमपंथियों के प्रस्तावित प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने पुलिस की उस प्रतिबद्धता को सराहा जिसके तहत वे ब्रांपटन के ‘पूजा स्थलों को सार्वजनिक उपद्रव वाले प्रदर्शनों से बचाने वाले उप-कानून’ को लागू कर रहे हैं।
संगठन ने कहा कि त्रिवेणी मंदिर के चारों ओर 100 मीटर का सुरक्षा घेरा बनाकर अधिकारियों ने आखिरकार यह माना है कि अभिव्यक्ति की आजादी में ‘किसी भी धार्मिक सभा को, चाहे शारीरिक रूप से हो या मानसिक रूप से, घेरने का अधिकार’ शामिल नहीं है। संगठन ने सरे पुलिस से अपील की कि वे इस मामले पर तुरंत संज्ञान लें और लक्ष्मी नारायण मंदिर के लिए भी इसी तरह के सुरक्षा उपाय लागू करें।
