समुद्र में बिछा दी बारूदी सुरंगें, एक रास्ता छोड़ बाकी कहीं भी फट सकते है बम

Strait-of-Hormuz

नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : दुनिया की ऊर्जा धमनियों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य इस समय एक ऐसी जंग का गवाह बन रहा है जो किसी भी क्षण वैश्विक अर्थव्यवस्था को दहला सकती है।

अमेरिका और ईरान के बीच घोषित दो सप्ताह के ‘अस्थिर’ संघर्ष विराम के बीच ईरान की अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने एक ऐसा चार्ट जारी किया है, जिसने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

IRGC ने जारी किया मैप 

इस चार्ट से संकेत मिलते हैं कि ईरान ने इस सामरिक मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं। ईरान की समाचार एजेंसियों, ‘इस्ना’ और ‘तस्नीम’ द्वारा जारी किए गए नक्शे में फारसी भाषा में एक बड़े हिस्से को ‘खतरा क्षेत्र’ के रूप में चिह्नित किया गया है।

यह क्षेत्र वही ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम (टीएसएस) मार्ग है, जहां से दुनिया का 20 प्रतिशत कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस गुजरती है। ईरान का यह कदम सीधे तौर पर अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

युद्धविराम की धुंधली तस्वीर

हैरानी की बात यह है कि जहां दुनिया राहत की सांस ले रही थी, वहीं अमेरिका और तेहरान इस समझौते की शर्तों की बिलकुल अलग व्याख्या कर रहे हैं। ईरान का दावा है कि उसे होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण, टोल वसूलने और यूरेनियम संवर्धन की छूट मिल गई है।

इसके विपरीत, डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि समझौते के तहत ईरान को अपना यूरेनियम भंडार सौंपना होगा और जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना होगा।

होर्मुज पर संकट 

इस कूटनीतिक खींचतान के बीच, होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सामान्य का 10 प्रतिशत भी नहीं रह गई है। गुरुवार को केवल चार जहाज इस मार्ग से गुजरे, जबकि सामान्य दिनों में यहां जहाजों का तांता लगा रहता था।

ऊर्जा बाजार पर संकट और तेल की उबलती कीमतें ईरानी सूत्रों के अनुसार, अब वे प्रतिदिन केवल 15 जहाजों को ही इस संकरे रास्ते से गुजरने की अनुमति देंगे।

क्रूड की बढ़ती कीमतें 

यह प्रतिबंध वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक बड़ा झटका है। इस अनिश्चितता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर दिखा, जहां ब्रेंट क्रूड की कीमतें उछलकर 97 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं।

एशिया के शेयर बाजारों में भी इस डर से गिरावट देखी गई कि अगर यह ‘खदानों वाला जाल’ सच साबित हुआ, तो ऊर्जा का संकट गहरा जाएगा।

होर्मुज की नीली लहरों के नीचे छिपी सुरंगें एक ऐसी ‘टाइम बम’ की तरह हैं, जो न केवल शांति समझौते को बल्कि वैश्विक स्थिरता को भी तार-तार कर सकती हैं।

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