नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : केंद्र सरकार ने गुजरात के धोलेरा में भारत का पहला चिप निर्माण संयंत्र स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) को अधिसूचित कर मंजूरी दे दी है। इस संबंध में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, यह एसईजेड करीब 66.166 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना से लगभग 21,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। यह संयंत्र इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और आईटी/आईटीईएस सेवाओं को समर्थन देगा और इसमें आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ आसान लॉजिस्टिक्स व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। भारत का पहला सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट यह परियोजना देश का पहला सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन (चिप निर्माण) प्लांट होगी, जो भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है। सरकार ने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए एसईजेड नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं। 3 जून 2025 को जारी अधिसूचना के तहत न्यूनतम भूमि आवश्यकता 50 हेक्टेयर से घटाकर 10 हेक्टेयर कर दी गई है। इन सुधारों में जमीन उपयोग में लचीलापन, फ्री सप्लाई को नेट फॉरेन एक्सचेंज में शामिल करना और घरेलू बाजार (डीटीए) में बिक्री की अनुमति जैसे प्रावधान शामिल हैं। इनका उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, नवाचार को बढ़ावा देना और कारोबार को आसान बनाना है। अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स को भी मिली मंजूरी सुधारों के बाद कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इनमें माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का साणंद में सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग प्लांट शामिल है, जिसमें करीब 13,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा। इसके अलावा, एक्वस समूह कर्नाटक के धारवाड़ में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग एसईजेड स्थापित कर रहा है। सप्लाई चेन मजबूत करने पर जोर सीजी सेमी, कायन्स सेमीकॉन और हुबली ड्यूरेबल गुड्स क्लस्टर जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है, जो देश में सप्लाई चेन को मजबूत करने, रोजगार बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करेंगे। वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में कदम सरकार का लक्ष्य इन एसईजेड के माध्यम से एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करना है। मंत्रालय ने कहा कि उद्योग की भागीदारी और नीतिगत समर्थन से भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण केंद्र बनाने में यह पहल अहम साबित होगी। Post navigation PM Modi और Macron की बातचीत, होर्मुज की सुरक्षा पर बनी सहमति ऑस्ट्रिया के चांसलर ने राष्ट्रपति मुर्मु से की भेंट, द्विपक्षीय संबंधों पर जोर