नई दिल्ली, एजेंसी : Japan Earthquake : जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर सोमवार को 7.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद देश के कई तटीय इलाकों में सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया गया है। अधिकारियों ने लोगों को तटीय क्षेत्रों से तुरंत दूर रहने और ऊंची जगहों पर जाने की अपील की है।
भूकंप का केंद्र
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, स्थानीय समयानुसार शाम 4:53 बजे आए इस भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में सैनरिकु तट के पास था। भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर बताई गई। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि 3 मीटर तक ऊंची सुनामी की लहरें उठ सकती हैं।
सुनामी की आशंका
सुनामी की सबसे अधिक आशंका इवाते, आओमोरी और होक्काइडो प्रांतों में है। इन इलाकों में लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार ने तत्काल इमरजेंसी टास्क फोर्स का गठन कर लिया है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से अपील की कि वे शांतिपूर्वक सुरक्षित जगहों पर चले जाएं।
जापान के सीस्मिक इंटेंसिटी स्केल पर भूकंप की तीव्रता
जापानी प्रसारक एनएचके ने होक्काइडो के हाचिनोहे पोर्ट से जहाजों को तेजी से निकलते दिखाया। टीवी स्क्रीन पर बार-बार “सुनामी! खाली करो!” का अलर्ट फ्लैश किया गया। भूकंप के कारण आओमोरी में बुलेट ट्रेन (शिनकानसेन) सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गईं। जापान के सीस्मिक इंटेंसिटी स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5 मापी गई, जिससे कई जगहों पर कंक्रीट की दीवारें गिर गईं और लोगों के लिए चलना-फिरना मुश्किल हो गया।
जापान दुनिया के सबसे भूकंप प्रभावित देशों में शामिल
जापान दुनिया के सबसे भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है, जहां हर पांच मिनट में औसतन एक झटका महसूस किया जाता है। देश “रिंग ऑफ फायर” के क्षेत्र में स्थित है। अभी तक होक्काइडो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी और तोहोकू इलाकों में कोई न्यूक्लियर पावर प्लांट बंद है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों के पास स्थित ओनागावा न्यूक्लियर पावर प्लांट पर भूकंप और संभावित सुनामी के असर की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने और आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
