भ्रष्टाचार के मामले में चीन के 2 पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा

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नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : चीन में दो पूर्व रक्षा मंत्रियों- वेई फेंग और ली शांग्फू को भ्रष्टाचार मामलों में दोषी पाते हुए मौत की सजा सुनाई गई है। लेकिन इस सजा पर क्रियान्वयन दो वर्ष बाद होगा, तब तक वे कारागार में रहेंगे।

चीन की सैन्य अदालत ने दोनों पर अलग-अलग मुकदमा चलाते हुए गुरुवार को सजा सुनाई है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अदालत के आदेश की जानकारी देते हुए बताया कि वेई को रिश्वत लेने का दोषी पाया गया जबकि ली को रिश्वत लेने और रिश्वत देने का प्रयास करने का दोषी पाया गया है।

आदेश में दोनों के सारे राजनीतिक अधिकार समाप्त कर दिए गए हैं और उनकी सारी संपत्ति भी जब्त होगी। वेई और उनके बाद रक्षा मंत्री बने ली ने राष्ट्रपति शी चिन¨फग के कार्यकाल में ही कार्य किया। वेई 2018 से 2023 तक चीन के रक्षा मंत्री रहे जबकि ली ने उनके उत्तराधिकारी के रूप में कुछ महीने ही कार्य किया।

पार्टी से किया गया था बर्खास्त

दोनों को शक के आधार पर सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने उनके पदों से बर्खास्त कर दिया था। रक्षा मंत्री के तौर पर दोनों ही राष्ट्रपति चिन¨फग की अध्यक्षता वाले चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य भी थे। रक्षा मंत्री पद से बर्खास्तगी के बाद उन्हें आयोग से भी हटा दिया गया।

जनरल वेई और जनरल ली चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की सबसे महत्वपूर्ण इकाई राकेट (मिसाइल) फोर्स के प्रमुख रहे। यह फोर्स 2015 में राष्ट्रपति चिन¨फग ने सेना के ढांचे में बदलाव के दौरान स्थापित की थी। वेई इस फोर्स की स्थापना से लेकर 2017 तक इसके प्रमुख रहे और उसके बाद रक्षा मंत्री बन गए।

रक्षा मंत्री रहते हुए वेई अचानक लापता हो गए थे, बाद में उनकी बर्खास्तगी और गिरफ्तारी का पता चला था। हिरासत में ही उन पर भ्रष्टाचार मामले में सैन्य अदालत में मुकदमा चला। जबकि ली को राष्ट्रपति शी ने स्वयं रक्षा मंत्री नियुक्त किया था।

ली की बर्खास्तगी के बाद पीएलए के कई शीर्ष अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया गया और उनमें से कई पर भ्रष्टाचार के मामलों में मुकदमा चलाकर उन्हें दंडित किया गया। 2012 में शी चिन¨फग के सत्ता संभालने के बाद चीन में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार निरोधी अभियान चला था।

10 लाख लोगों को किया गया दंडित

इस अभियान में 10 लाख से ज्यादा सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को दंडित किया गया। दंडित होने वालों में सेना के कई जनरल भी शामिल हैं। इसी वर्ष जनवरी में पीएलए के सर्वोच्च अधिकारी जनरल झांग यूक्शिया और शीर्ष जनरल लियू झेनली भी अनुशासन तोड़ने के मामलों में जांच के दायरे में आ गए हैं।

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