मॉस्को, डिजिटल डेस्क : रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पूर्व सोवियत संघ के नेता लियोनिद ब्रेझनेव के परपोते एंटोन मिलायेव को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूसी सेना में सेवा दे रहे एंटोन मिलायेव को यूक्रेनी बलों ने कथित तौर पर बंदी बना लिया है। यह जानकारी सबसे पहले रूस के टेलीग्राम चैनल बाजा (Baza) ने दी, जिसे रूसी सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े स्रोतों के लिए जाना जाता है। बाद में कई यूक्रेनी मीडिया संस्थानों ने भी इस रिपोर्ट का हवाला दिया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और यूक्रेन की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। 2025 में रूसी सेना में हुए थे शामिल रिपोर्ट्स के मुताबिक, 45 वर्षीय एंटोन मिलायेव ने 2025 की शरद ऋतु में रूसी सेना जॉइन की थी और वे एक सैपर (कॉम्बैट इंजीनियर) के रूप में कार्यरत थे। बाज़ा ने उनकी मां इरीना कुज़नेत्सोवा के हवाले से बताया कि परिवार का उनसे नवंबर 2025 में संपर्क टूट गया था। कई महीनों बाद परिवार को सूचना मिली कि मिलायेव यूक्रेनी सेना के कब्जे में हैं और उन्हें खेरसॉन क्षेत्र में रखा गया है। यूक्रेनी सूत्रों ने भी किया दावा बीबीसी न्यूज यूक्रेन के मुताबिक, यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी से जुड़े एक सूत्र ने दावा किया कि मिलायेव यूक्रेन की हिरासत में हैं। वहीं, टीवीपी वर्ल्ड और जांच-पड़ताल वेबसाइट बाबेल (Babel) ने भी यूक्रेनी अधिकारियों के हवाले से उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि किए जाने की बात कही है। एंटोन मिलायेव, लियोनिद ब्रेझनेव की बेटी गैलिना ब्रेझनेवा के दत्तक पोते बताए जाते हैं। यूक्रेन की विवादित ऑनलाइन सूची मायरोत्वोरेत्स (Myrotvorets) में भी उनका नाम दर्ज है, जहां उन्हें “यूक्रेन का दुश्मन” बताए गए व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया है। कौन थे लियोनिद ब्रेझनेव? लियोनिद ब्रेझनेव 1964 से 1982 तक सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव रहे। उनका 18 वर्षों का शासन सोवियत इतिहास के सबसे लंबे कार्यकालों में से एक माना जाता है। उनके शासनकाल को राजनीतिक और आर्थिक ठहराव के दौर के रूप में भी याद किया जाता है। 1968 में चेकोस्लोवाकिया पर सोवियत आक्रमण और तथाकथित ‘ब्रेझनेव सिद्धांत’ भी उनके कार्यकाल की प्रमुख घटनाओं में शामिल हैं। कैदी अदला-बदली पर अनिश्चितता फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि एंटोन मिलायेव को किसी संभावित युद्धबंदी अदला-बदली कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा या नहीं। हाल के महीनों में रूस और यूक्रेन के बीच कई बार युद्धबंदियों का आदान-प्रदान हुआ है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के अनुसार, फरवरी 2026 तक यूक्रेन के पास 4,000 से अधिक रूसी युद्धबंदी थे, जबकि लगभग 7,000 यूक्रेनी नागरिक और सैनिक रूस की हिरासत में थे। जेलेंस्की ने हाल ही में ‘सभी के बदले सभी’ (All-for-All) कैदी विनिमय का प्रस्ताव दोहराया था, जिसे रूस ने अब तक स्वीकार नहीं किया है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। दोनों देशों के बीच लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई जारी हैं। कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद फिलहाल संघर्ष समाप्त होने के कोई स्पष्ट संकेत दिखाई नहीं दे रहे हैं। Post navigation राज्यपाल ने राजभवन, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने राजधानी के रेजिडेंसी में किया योग सिंधु जल समझौते को लेकर छटपटा रहा पाकिस्तान, ख्वाजा आसिफ ने दी युद्ध छेड़ने की धमकी