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तेहरान, डिजिटल डेस्क :अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते की राह में होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा रोड़ा बन सकता है, क्योंकि तेहरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर नियंत्रण की मांग पर अड़ा है। उसने शुक्रवार को होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने के अपने अधिकार को दोहराया और खाड़ी देशों को अमेरिका पक्ष लेने पर चेतावनी दी।

उसने यह मांग ऐसे समय दोहराई है, जब एक दिन पहले ओमान के समीप एक जहाज पर हमला हुआ, जिसे लेकर ईरान पर संदेह जताया गया। न्यूज एजेंसी रायटर के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और छह खाड़ी देशों के एक संयुक्त बयान के जवाब में अपना यह अधिकार दोहराया और इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना और उकसावे वाला करार दिया।

ईरान के दावे के खारिज किया

अमेरिका और छह खाड़ी देशों ने संयुक्त बयान में ईरान के दावे को खारिज कर दिया है कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूल सकता है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही की गारंटी अस्पष्ट व्यवस्थाओं, समानांतर मार्गों या ऐसे फैसलों के तहत नहीं दी जा सकती, जिनमें तटीय देश के तौर पर ईरान की भूमिका को ध्यान में नहीं रखा गया हो।

जबकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि खाड़ी में अमेरिकी सेना की मौजूदगी क्षेत्रीय असुरक्षा और बंटवारे की वजह है। होर्मुज का प्रबंधन तेहरान और ओमान को अंतरिम समझौते की शर्तों के अनुसार करना चाहिए। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आई है।

ईरान ने संचार लाइन की स्थापना की

एएनआई के मुताबिक, अमेरिका के साथ हुए अंतरिम समझौते के तहत ईरान ने एक संचार लाइन की स्थापना की है, जिसका मकसद ऐसी घटनाओं को रोकना है, जो सैन्य टकराव का रूप ले सकती हैं। दोनों देशों के बीच 18 जून को 14 सूत्रीय अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को दावा किया कि ईरान को खाने-पीने की चीजों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

यूएई के अधिकारियों ने जारी किया अलर्ट

दुबई में मिसाइल हमले का अलर्टएपी के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने शुक्रवार को दुबई के लिए मिसाइल हमले का अलर्ट जारी किया। हालांकि कुछ देर बाद लोगों से अपील की गई कि वे इस पर ध्यान नहीं दें। इससे जाहिर होता है कि यह अलर्ट शायद गलती से जारी हो गया था।

आइएईए को ईरान में निरीक्षण की अनुमतिरायटर के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रासी ने शुक्रवार को कहा कि अंतरिम समझौते के तहत एजेंसी के निरीक्षकों को ईरान में प्रवेश की अनुमति है। उम्मीद है कि वे जल्द वहां होंगे। इधर, ईरान ने संकेत दिया है कि अंतिम समझौते तक देश के प्रमुख परमाणु स्थलों तक किसी को जाने की अनुमति नहीं होगी।