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शिकागो, डिजिटल डेस्क : एक अच्छी और स्थिर कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर कम पैसे वाली सीजनल नौकरी करने का फैसला बहुत कम लोग लेते हैं। लेकिन कुछ लोगों के लिए किसी ऐसी चीजों में करियर बनाना ज्यादा जरूरी होता है जिसमें उन्हें मजा आता है, बजाय इसके कि वे एक स्टेबल ऑफिस जॉब में बने रहें। शिकागों की रहने वाली 26 साल की जो डी ला पॉज ने कुछ ऐसा ही फैसला किया।

उन्होंने शिकागो में एक इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी में ड्राफ्टिंग की नौकरी छोड़ येलोस्टोन नेशनल पार्क में सीमस्ट्रेस (कपड़े सिलने वाली) के तौर पर काम करना शुरू किया। अब वह हर घंटे $19.25 कमाती हैं और उन्हें उम्मीद है कि यह अनुभव उन्हें ब्रॉडवे प्रोडक्शंस और फिल्मों के लिए वॉर्डरोब और कॉस्ट्यूम का काम पाने में मदद करेगा।

यह फैसला उन्होंने रातों-रात नहीं लिया था। बल्कि इसके पीछें काफी सोच विचार किया था। इस दौरान उन्होंने छोटे-मोटे बैकस्टेज काम किए, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लोगों से मुलाकात की और सिलाई का अनुभव पाने के मौके तलाशे।

ऑफिस से गिग-वर्क तक

कुछ समय पहले तक, डे ला पॉज शिकागो में ड्राफ्टर के तौर पर काम करती थीं। इस नौकरी से उन्हें आर्थिक स्थिरता तो मिली, लेकिन उन्हें क्रिएटिव तौर पर संतुष्टि नहीं मिल रही थी। हाई स्कूल के समय से ही सिलाई उनका शौक था और वह देखना चाहती थीं कि क्या यह सिर्फ एक शौक से बढ़कर कुछ और बन सकता है।

नौकरी तुरंत छोड़ने के बजाय, उन्होंने म्यूजिक वेन्यू पर शाम और वीकेंड की नौकरियां करना शुरू किया। उन्होंने जो भी काम मिला, उसे स्वीकार किया, जिसमें टिकट लेना, कैटरिंग ऑर्डर संभालना और आने वाले कलाकारों के लिए ड्रेसिंग रूम में सामान रखना तक शामिल था। ये काम एक बड़ी योजना का हिस्सा थे।

डे ला पॉज की सफलता की यात्रा

डे ला पाज़ टूरिंग प्रोडक्शंस में वॉर्डरोब और कॉस्ट्यूम डिजाइन का काम करना चाहती थीं। उन्होंने कहा, ‘अगर इस क्षेत्र में काम करना है तो उन लोगों के साथ रहना जरूरी है जो पहले से इसमें हैं।’ द वीकेंड के शिकागो कॉन्सर्ट के दौरान उन्हें पहला मौका मिला।

जब क्रू को फिक्स्ड डांसर्स के कॉस्ट्यूम सिलने के लिए सीमस्ट्रेस चाहिए थी, तो उन्होंने तुरंत अपना नंबर दिया। यह पल किस्मत का था, लेकिन उन्होंने खुद को सही जगह पर रखा।

जनवरी तक उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी। सपनों का पीछा करना डरावना था, लेकिन एक दोस्त के येलोस्टोन अनुभव ने उन्हें प्रेरित किया। वे मानती हैं कि हम अपनी किस्मत खुद बना सकते हैं।