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 ढाका ,डिजिटल डेस्क : अदालत के आदेश के विपरीत बांग्लादेश में एक हिंदू परिवार पर भीषण हमला कर उन्हें प्रताड़ित किया गया। बांग्लादेश के भोला जिले के लालमोहन उपजिला में हाल ही में हुई एक क्रूर घटना में एक भूमि विवाद के चलते एक हिंदू गोपाल कृष्ण दास और अपने पूरे परिवार समेत हिंसा और अत्याचार का शिकार हुए।

बताया जाता है कि एक भूमि विवाद मामले में अदालत के पक्ष में निर्णय के बावजूद एक गोपाल कृष्ण दास के साथ ही उनके घर की सभी महिलाएं भी हिंसक हमले का शिकार हुईं। हमलावर केवल संपत्ति हड़पने के लिए नहीं आए थे।

दिन के उजाले में वे इस हिंदू परिवार के घर में घुसे और गोपाल कृष्ण दास और उनकी पत्नी अखी रानी दास पर बुरी तरह हमला किया। बताया गया है कि जैसे-जैसे हिंसा बढ़ी दंपती की दो बेटियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया, जबकि परिवार के बुजुर्ग पिता को पानी में डुबोकर प्रताड़ित किया गया।

वह हिंदू परिवारों की सुरक्षा करने में असफल रही है, जो राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान बार-बार निशाना बनते रहे हैं

इस मामले को उठाते हुए विपक्षी पार्टी आवामी लीग ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच वर्तमान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) पर आरोप लगाया है कि वह हिंदू परिवारों की सुरक्षा करने में असफल रही है, जो राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान बार-बार निशाना बनते रहे हैं।

पार्टी ने कहा कि दास के घर में हुई तोड़फोड़ और लूटपाट ने आम नागरिकों, विशेषकर अल्पसंख्यकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा की कमी चिंताजनक है।

“जब एक परिवार अपने पूर्वजों की भूमि पर सुरक्षित नहीं रह सकता, भले ही उसे अदालत से अनुकूल निर्णय मिला हो और जब महिलाओं के साथ दिन के उजाले में दुर्व्यवहार किया जाता है, तो यह कानून के शासन की प्रभावशीलता और राज्य की नागरिकों की सुरक्षा की क्षमता पर गंभीर प्रश्न उठाता है।”