नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क : रफी साहब (Mohammad Rafi) की मखमली आवाज में वो रुहानियत थी कि वो सीधा जाकर दिल में बस जाती थी। उन्होंने रोमांटिक गानों से लेकर भजन, गजल, कव्वाली और देशभक्ति गीत गाए हैं। उन्होंने अपना पहला सार्वजनिक गाना ऑल इंडिया रेडियो, लाहौर के लिए रिकॉर्ड किया था। साल 1944 में वो मुंबई आ गए। हिंदी सिनेमा में उन्हें पहला बड़ा ब्रेक संगीतकार नौशाद ने दिया था। आज हम आपको मोहम्मद रफी के एक ऐसे गाने के बारे में बताएंगे जो 24 घंटे रेडियो पर बजता रहता था। कौन सा है 75 साल पहले रिलीज हुआ वो गाना और क्या है उसके पीछे की मजेदार कहानी चलिए जानते हैं। रेडियो स्टेशन्स पर खूब बजता था गाना इस गाने ने उस दौर में ऐसा जादू चलाया कि देशभर के रेडियो स्टेशन्स पर यही गाना बजता था और उस जादूई आवाज के मालिक थे मोहम्मद रफी। साल 1950 में एक फिल्म आई थी नाम था ‘बीवी’ (Biwi)। इसका गाना ‘अकेले में वो घबराते तो होंगे, मिटाके तुझको पछताते तो होंगे’ (Akele mein wo ghabrate to honge) उस दौर का सुपरहिट गीत बन गया। नई पीढ़ी के लोग भी वैसे ही करते हैं प्यार म्यूजिक डायरेक्ट खय्याम ने खुद बताया था कि गाना इतना लोकप्रिय था कि किसी न किसी रेडियो स्टेशन पर लगातार बजता रहता था। खय्याम इस गाने के कंपोजर थे। 40 के 70 के दशक तक मोहम्मद रफी साहब ने अपनी आवाज से संगीत की दुनिया पर राज किया। आज भी उनके सदाबहार गीत नई पीढ़ी के दिलों में भी वही जगह बनाए हुए हैं। गीत के लिए मिल चुका है नेशनल अवॉर्ड इस फिल्म को किशोर शर्मा ने डायरेक्ट किया था और लीड एक्टर के तौर पर अल नासिर, मुमताज और प्राण नजर आए थे। इसके अलावा ‘ये दुनिया ये महफिल’, ‘बहारों फूल बरसाओ’ जैसे गाने मोहम्मद रफी के कुछ सबसे पॉपुलर गानों में से एक हैं। बहारों फूल बरसाओ के लिए उन्हें अपना पहला नेशनल अवॉर्ड मिला था। अगर आज भी आप मोहम्मद रफी के उस गोल्डन दौर को आंख बंद करके याद करेंगे तो आपके जहन में उनके कई ऐसे खूबसूरत गाने और नज्म आएंगी जिनमें से बेस्ट का चुनाव करना बहुत ही मुश्किल होगा। Post navigation बड़ी टीम में मौका न मिलने से निराश महिला क्रिकेटर ने की आत्महत्या IRCTC विशेष धार्मिक टूर, 17 अगस्त से दौड़ेगी भारत गौरव ट्रेन