नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क : राज कपूर (Raj Kapoor) और गीतकार शैलेंद्र में गहरी दोस्ती थी। दोनों ने एक साथ मेरा नाम ‘जोकर’, ‘अनाड़ी’, ‘संगम’, ‘तीसरी कसम’ जैसी कुल 21 फिल्मों में काम किया। आज आपको ‘अनाड़ी’ (Anari) से जुड़ा ऐसा ही एक किस्सा सुनाएंगे। इसका एक गीत ‘सबकुछ सीखा हमने न सीखा होशियारी’ है जिसे शैलेंद्र ने लिखा था, संगीत दिया था शंकर जयकिशन और मुकेश ने इसे मुकेश ने आवाज दी थी। राज कपूर के साथ नूतन आई थीं नजर जब इस गीत की रिकॉर्डिंग हो रही थी तो राज कपूर जी कहीं व्यस्त थे और वो स्टूडियो नहीं पहुंच पा रहे थे। शंकर जयकिशन को ये गाना रिकॉर्ड करना था और टाइम ज्यादा था नहीं तो शंकर जयकिशन ने ये गाना मुकेश से रिकॉर्ड करवा लिया। यह फिल्म 16 जनवरी 1959 को रिलीज हुई थी। इसमें राज कपूर, नूतन, मोतीलाल और ललिता पवार ने लीड रोल निभाया था। फूट-फूटकर रोए थे राज कपूर राज कपूर जब स्टूडियो पहुंचे तब तक ये रिकॉर्ड हो चुका था। उन्होंने जब ये गीत सुना तो उन्हें ये काफी पसंद आया और वो शैलेंद्र की तारीफ किए बिना खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने ये गीत बार-बार सुना और एक-दूसरे के गले लगकर फूट फूटकर रोए। गाने के बोल और मुकेश की दर्दभरी आवाज ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल पिघला दिया था और माहौल बेहद भावुक हो गया था। राज कपूर को शैलेंद्र बहुत पसंद थे और वो उन्हें अपने दिल के बहुत करीब मानते थे। हालांकि एक दिन ऐसा भी आया जब राज कपूर अपनी जिंदगी का सबसे स्पेशल डे मना रहे थे और उसी दिन उनका वो प्यारा दोस्त ये दुनिया छोड़कर चला गया। राज कपूर के 42वें जन्मदिन 14 दिसंबर 1966 को उनके चहीते दोस्त शैलेंद्र का निधन हो गया था। उनके निधन पर राज कपूर ने उन्हें अपनी रूह के एक हिस्से के जाने जैसा बताया था। Post navigation NAM vs SA: नामीबिया ने 10 महीने के अंदर दूसरी बार साउथ अफ्रीका को हराया विमान लहरा रहा था, पटाखे जैसी 3 आवाजें आईं, अमन ने बताई आंखोंदेखी