Mantri B.Nagendra

 बेंगलुरु , संवाददाता : कर्नाटक में भ्रष्टाचार के आरोपित मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे के बाद कांग्रेस भाजपा में वार पलटवार शुरू हो गया है। योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने वाल्मीकि कॉरपोरेशन में 89 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़े आरोपों के बीच अपने पद से शुक्रवार को इस्तीफा दिया था।

वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने शनिवार को आरोप लगाया कि नागेंद्र ने घोटाले में विपक्ष द्वारा दस्तावेजी साक्ष्य पेश करने के बाद ही इस्तीफा दिया है। अशोक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नागेंद्र का बचाव करने के लिए “दलित पहचान” का इस्तेमाल ढाल के तौर पर कर रही है।

अशोक ने कहा, कॉरपोरेशन के अकाउंट्स सुपरिटेंडेंट पी. चंद्रशेखरन भी दलित थे, जिन्होंने घोटाले का पर्दाफाश करने के बाद आत्महत्या कर ली थी। आप उन्हें न्याय नहीं दे रहे हैं। अशोक ने सवाल उठाया कि संबंधित मंत्री की जानकारी या शामिल हुए बिना लगभग 600 खातों में पैसे कैसे ट्रांसफर किए जा सकते थे।

उन्होंने कहा कि विधानसभा में विपक्ष के लगातार विरोध ने सरकार को कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया

उन्होंने कहा कि विधानसभा में विपक्ष के लगातार विरोध ने सरकार को कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया। भाजपा नेता बी. श्रीरामुलु ने कहा कि नागेंद्र के इस्तीफे के बावजूद भाजपा रायचूर से बल्लारी तक एक सितंबर से शुरू होने वाली अपनी तय 10-दिवसीय पदयात्रा जारी रखेगी।

इस बीच एएनआई के अनुसार कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके. शिवकुमार ने कहा कि नागेंद्र ने कांग्रेस पार्टी को शर्मिंदगी से बचाने के लिए इस्तीफ़ा सौंप दिया है और इस्तीफे पर अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान से बातचीत के बाद लिया जाएगा। शिवकुमार ने कहा कि विपक्ष के झूठे आरोपों और सदन की कार्यवाही में हो रहे व्यवधान से आहत होकर नागेंद्र ने इस्तीफा सौंपा है।

आईएएनएस के अनुसार कर्नाटक के स्कूल शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने कहा कि भ्रष्टाचार के बेबुनियाद आरोपों के कारण मंत्री पद से इस्तीफा देते समय गिरे नागेंद्र के आंसू राज्य में भाजपा के पतन का कारण बनेंगे।

यह भी कहा कि भाजपा दलित तथा अनुसूचित जाति के नेताओं की राजनीतिक तरक्की को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है।

वहीं कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बीके. हरिप्रसाद ने कहा कि नागेंद्र के इस्तीफे से उनके दोषी होने की पुष्टि नहीं होती।

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इसे राजनीतिक जीत के तौर पर पेश कर अनुसूचित जाति के नेता को निशाना बना रही है। उन्होंने ने भाजपा पर विपक्षी नेताओं के मामले में “दोहरे मापदंड” अपनाने का आरोप भी लगाया।