काठमांडू, डिजिटल डेस्क : तिब्बत में ग्लेशियर टूटने की वजह से नेपाल में आई बाढ़ के कारण अब तक 1204 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और लगभग 4200 लोग अभी भी लापता हैं। जैसे-जैसे दिन गुजरते जा रहे हैं, बाढ़ के मलबे में दबे लोगों के जिंदा बचने की उम्मीद धूमिल होती जा रही है। बचाव के अधिकतर प्रयास जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे मजदूरों को बचाने पर केंद्रित हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कुछ सुरंगों में हवा की आपूर्ति वाले चैंबर हैं और बचाव दल 600 से अधिक लापता मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपात अभियान केंद्र (एनईओसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी फणींद्र पौडेल ने कहा, जिंदा लोगों के मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है। हम प्रार्थना कर रहे हैं और हम आशान्वित हैं। उम्मीद तो उम्मीद है! प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने संसद में बताया कि खोज अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा, हमारी प्राथमिकता साफ है, अपना खोज और बचाव अभियान जारी रखना उन्होंने कहा, हमारी प्राथमिकता साफ है, अपना खोज और बचाव अभियान जारी रखना। जो लोग अभी भी लापता हैं उन्हें तलाशना और प्रभावित सभी लोगों की मदद जारी रखना। चार जलविद्युत परियोजनाओं में बड़े स्तर पर बचाव अभियान चल रहे हैं या उनकी योजना बनाई गई है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के बोर्ड में सदस्य अमशु किरण शाही ने कहा कि दो स्थानों पर, जहां लगभग 90 लोग लापता हैं, जीवित लोगों के मिलने की सबसे अधिक संभावना है क्योंकि सुरंगों के अंदर हवा मौजूद है। उन्होंने कहा कि त्रिशूली-3ए में अधिकारियों का मानना है कि अंदर एक सूखा चैंबर था और सुरंग में आक्सीजन बह रही होगी, साथ ही पाइप के जरिये भी अंदर आक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। सुरंग में बचाव की कोशिशों में भारत, चीन और अमेरिका की विशेषज्ञ बचाव टीमें शामिल हैं। चीन में मृतक संख्या 21 हुई, 541 लापता चीन ने तिब्बत में मरने वालों की संख्या बढ़ाकर 21 कर दी है, जबकि 541 लोग अभी भी लापता बताए गए हैं। लापता लोगों में 104 भारतीय, 49 नेपाली नागरिक और 33 लाटवियाई नागरिक शामिल हैं। ज्यादातर भारतीय कैलास यात्रा पर जाने वाले समूहों का हिस्सा थे। गिरोंग बार्डर क्रॉसिंग की सड़क फिर खोली चीन ने बुधवार को नेपाल में गिरोंग बार्डर क्रॉसिंग की ओर जाने वाली सड़क को पूरी तरह से फिर से खोल दिया। इससे बाढ़ आने के बाद पहली बार भारी मशीनरी प्रमुख आपदा प्रभावित क्षेत्र तक पहुंच सकी। चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी ने दिखाया कि खुदाई करने वाली मशीनें, बचाव दल, खोजी कुत्ते और जान बचाने वाले उपकरण एक संकरी पहाड़ी घाटी में तैनात हैं, जहां वर्षा, अस्थिर चट्टानों और तेज बहती नदी ने अभियान में बाधा डाली है। चीन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि वह राहत प्रयासों में मदद के लिए नेपाल को और अधिक डीएनए पहचान विशेषज्ञ और बेली ब्रिज, शव रखने वाले रेफ्रिजरेटर और संचार उपकरण सहित आपात सामग्री भेजेगा। बिजली, दूरसंचार व परिवहन संपर्क कर रहे बहाल : शाह नेपाल के प्रधानमंत्री बालेनशाह ने कहा कि सरकार बिजली, दूरसंचार और परिवहन संपर्क बहाल करने के लिए काम कर रही है और प्रभावित इलाकों में 95 प्रतिशत टेलीकाम सेवाएं मंगलवार तक बहाल कर दी गईं। उन्होंने बताया कि इस आपदा ने 431 मेगावाट बिजली बनाने की क्षमता बाधित की है। Post navigation सुशांत की मैनेजर दिशा सालियान मौत की जांच CBI करेगी – HC 321 KM प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती रेसिंग बोट हवा में उछली, झील में पलटी