tibet-earthquake

नई दिल्ली, नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : Tibet Earthquake : तिब्बत में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप के यह झटके नेपाल में आई त्रासदी के ठीक एक हफ्ते बाद लगे हैं। भूकंप के कारण लोगों में दहशत है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेस (GFZ) के अनुसार, गुरुवार को तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। GFZ ने बताया कि इस भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर (6.21 मील) की गहराई में दर्ज किया गया है।

गुरुवार, 3 सितंबर को तिब्बत में रिक्टर स्केल पर 5 तीव्रता का भूकंप आया। यह भूकंप नेपाल में हुई तबाही के एक हफ्ते बाद आया है।

बताते चलें कि पिछले महीने 26 अगस्त को नेपाल बॉर्डर के पास तिब्बत में ग्लेशियर टूटने से आई जबरदस्त बाढ़ से पहाड़ी इलाके के कई कस्बों और घाटियों में भारी तबाही मच गई। नेपाल में इस त्रासदी के बाद अब तक एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 4 हजार लोग लापता बताए जा रहे हैं।

तिब्बत में आई बाढ़ के बाद लगभग 100 नेपाली नागरिक लापता

नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने कहा है कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर शुरू हुई विनाशकारी अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के बाद लगभग 100 नेपाली नागरिक लापता हो गए हैं।

देश के कई कस्बों और गांवों में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही के एक हफ्ते बाद भी 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 4,875 से ज्यादा लोग लापता हैं।

छेत्री ने बुधवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी में बह गए कम से कम 19 शव भारत में बरामद किए गए। उन्होंने कहा कि ये शव भोटेकोशी नदी से बहते हुए त्रिशूली और नारायणी नदियों के रास्ते भारत तक पहुंच गए। ये शव नेपाल के रूपंदेही और नवलपरासी पश्चिम जिलों से सटी भारतीय सीमा के पास मिले।