us-iran-war

वाशिंगटन, डिजिटल डेस्क : अमेरिका ने मंगलवार को फारस की खाड़ी में खारग द्वीप के पास पांच ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया। दो अमेरिकी अधिकारियों ने सीएनएन को बताया कि ये टैंकर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़े थे। यह हमला अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर मिसाइल हमले के प्रयास के जवाब में किया गया।

ये हमले अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का हिस्सा हैं। अमेरिका होर्मुज के आसपास सैन्य और आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है। अमेरिकी बल व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा कर रहे हैं और ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी लगाए हुए हैं।

बयान में कहा गया है कि अमेरिकी हमले पिछले दो दिनों में युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने के ईरानी प्रयासों के जवाब में किए गए थे। ये ताजा जवाबी हमले ऐसे समय में हुए हैं जब वाशिंगटन और तेहरान छह महीने से अधिक समय से चल रहे युद्ध के दौरान एक बार फिर लड़ाई की ओर बढ़ रहे हैं।

ईरान ने दी धमकी

ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। आईआरजीसी ने बहरीन और कुवैत के बंदरगाहों के पास तेल टैंकरों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है।

ईरानी राज्य टेलीविजन पर प्रसारित चेतावनी में कहा गया कि हम कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के आसपास तेल टैंकरों पर सवार सभी चालक दल से आग्रह करते हैं कि वे तुरंत अपने जहाज छोड़ दें, चाहे वे लंगर डाले हों या बंदरगाह पर खड़े हों, क्योंकि जहाजों को निशाना बनाया जाएगा।

ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को ईरान के विमानन क्षेत्र पर व्यापक प्रतिबंध भी लगाए। इसमें 27 ईरानी एयरलाइंस और नौ सेवा प्रदाताओं को निशाना बनाया गया है।

यह घटनाक्रम ईरान द्वारा सोमवार को अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर हमले के प्रयास और सप्ताहांत में बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर व डिस्ट्रॉयर पर फायरिंग के बाद आया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार किसी अमेरिकी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा।