इस्लामाबाद, डिजिटल डेस्क : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शुक्रवार को पुलिस कंपाउंड की मस्जिद पर आत्मघाती हमला हुआ। इस हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है। समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, जब विस्फोटक से भरी एक कार को पुलिस परिसर के अंदर ले जाया गया, तब अधिकारी और उनके परिवार कंपाउंड के अंदर बनी मस्जिद में नमाज पढ़ रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में मारे गए 31 लोगों में से SP रैंक का एक अधिकारी, एक डिप्टी SP और काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट के तीन इंस्पेक्टर शामिल हैं। मस्जिद से टकराई विस्फटोक से भरी कार हमलावर नमाज के समय के दौरान विस्फोटक से लदी गाड़ी लेकर कंपाउंड में घुसा और मस्जिद के प्रवेश द्वार की दीवार से टकरा गया। जैसे ही गाड़ी दीवार के टकराई, जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके से इमारत का कुछ हिस्सा ढह गया और इलाका धुएं और मलबे से भर गया। अधिकारियों का मानना है कि गाड़ी चलाने वाले आत्मघाती हमलावर के अलावा तीन से पांच बंदूकधारियों ने भी कंपाउंड में घुसने की कोशिश की। चश्मदीदों ने बताया कि जब हमलावरों ने जबरदस्ती अंदर घुसने की कोशिश की, तो गोलीबारी हुई। घटना के बाद सामने आई तस्वीरों से साफ पता चल रहा है कि हमला काफी खतरनाक था। धमाके के बाद करीब 80 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें ज्यादा पुलिसकर्मी थे। कई घायलों की हालत गंभीर है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। आतंकवादी संगठन ने किया हमला शुक्रवार देर रात तक किसी भी गुट ने आधिकारिक तौर पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी। हालांकि, ‘इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान’ (IMP) पर शक किया गया, जो इस क्षेत्र में सक्रिय तीन आतंकवादी गुटों का एक गठबंधन है। ‘इंकलाबी इस्लामी पाकिस्तान (IMP)’, जो भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा से जुड़ा है, इस संगठन ने टेलीग्राम पर हमले की जिम्मेदारी ली। इंकलाबी इस्लामी पाकिस्तान का समर्थन करने वाले अकाउंट्स ने कहा कि उसकी ‘अल-बद्र’ आत्मघाती यूनिट ने काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट के परिसर में ‘इश्तशादी ऑपरेशन’ (आत्मघाती हमला) को अंजाम दिया। Post navigation सड़कों पर श्रद्धालुओं का हुजूम और राधे-राधे की गूंज तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को सीमा-पार हमलों के खिलाफ दी चेतावनी