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इस्लामाबाद, डिजिटल डेस्क : इस्लामाबाद के अस्पतालों को कथित तौर पर एक संभावित मानवीय संकट और बड़े पैमाने पर हताहतों वाली घटना के लिए तैयार रहने का आदेश दिया गया है। यह आदेश जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ द्वारा 27 सितंबर को नियोजित विरोध प्रदर्शन से पहले दिया गया है।

‘ड्रॉप साइट’ द्वारा देखे गए दस्तावेजों के अनुसार, इस्लामाबाद के अस्पतालों को दिए गए निर्देशों में कहा गया है कि सभी निर्धारित सर्जरी को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया जाए और सर्जिकल विभागों को मरीजों की संभावित बढ़ती संख्या के लिए तैयार रखा जाए।

मेडिकल स्टाफ की छु्ट्टियां रद

मेडिकल और सपोर्ट स्टाफ को उपलब्ध रहने का आदेश दिया गया और सभी प्रकार की छुट्टियां रद कर दी गईं। अस्पतालों से यह भी कहा गया कि जो कर्मचारी पहले से छुट्टी पर हैं, उन्हें वापस बुलाया जाए। ये उपाय PTI के 27 सितंबर को होने वाले नियोजित मार्च से पहले किए गए हैं। पार्टी का कहना है कि इस मार्च का मकसद खान की रिहाई की मांग करना है।

इन तैयारियों का असर मरीजों पर पहले ही पड़ने लगा है। स्थिति की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि जिन मरीजों की सर्जरी सोमवार को होनी थी, उन्हें सूचित किया गया कि उनकी प्रक्रियाएं टाल दी जाएंगी।

सरकार ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं कहा है कि अस्पतालों में की जा रही ये तैयारियां खास तौर पर PTI प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई से जुड़ी हैं। हालांकि, दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से संभावित मानवीय संकट और बड़े पैमाने पर हताहतों वाली घटना की तैयारियों का जिक्र है।

हिरासत में इमरान खान का परिवार

अस्पतालों में ये तैयारियां ऐसे समय में की गईं जब अधिकारियों ने खान की तीन बहनों- अलीमा खान, नोरिन नियाजी और डॉ. उजमा खान साथ ही उनके परिवार के अन्य सदस्यों को हिरासत में ले लिया। इस्लामाबाद की ओर नियोजित मार्च से पहले कई PTI नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया।

खबरों के मुताबिक, 24 घंटे के भीतर खान के परिवार के आठ सदस्यों को हिरासत में लिया गया। अलीमा खान के बेटे शेरशाह खान के अनुसार, बच्चों को कई घंटों बाद रिहा कर दिया गया, जबकि खान की बहनें हिरासत में ही रहीं।