लखनऊ, डॉ.जितेंद्र बाजपेयी : प्रवर्तन निदेशालय ने आजम खां के मंत्री कार्यकाल के दौरान जल निगम में हुए कार्यों का ब्योरा राज्य सरकार से मांगा है। एजेंसी ने निविदाओं, फर्मों, भुगतान और अधिकारियों से जुड़ी जानकारी तलब की है। जौहर विश्वविद्यालय के कुलपति से भी पूछताछ हुई। मामले में जांच आगे बढ़ रही है। पूर्व मंत्री आजम खां की मुश्किलों में फिर इजाफा होने के आसार है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके मंत्री रहने के दौरान जल निगम में हुए सभी कार्यों का ब्योरा राज्य सरकार से मांगा है। खासकर उनके मंत्री रहने के दौरान जिन फर्मों को अधिक कार्य दिए गए, उनके बारे में पूछा है। बता दें कि आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और उनकी जौहर ट्रस्ट की जांच ईडी द्वारा की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जौहर ट्रस्ट, जौहर विश्वविद्यालय की जांच के दौरान ईडी को जल निगम में वर्ष 2012 से 2019 के बीच बड़े पैमाने पर अनियमिताएं अंजाम दिए जाने के पुख्ता सुराग मिल रहे हैं। आजम खां वर्ष 2012 से 2017 तक नगर विकास विभाग के मंत्री थे, जिसके अधीन जल निगम भी था। वर्ष 2019 के बाद संबंधित कार्य जल जीवन मिशन की स्थापना होने की वजह से उसके तहत कराए जाने लगे। आजम खां के मंत्री रहने के दौरान हुए कार्यों की विस्तृत जांच के लिए ईडी ने सभी कार्यों से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। ये भी जानकारी देने को कहा है कि आजम खां के मंत्री रहने के दौरान कितनी निविदाएं स्वीकृत हुईं, किन फर्मों को प्रचार-प्रसार का काम दिया गया, कितना भुगतान हुआ और कितने अनुबंध किए गए। साथ ही इस दौरान किन अधिकारियों की तैनाती जल निगम में थी। विश्वविद्यालय के कुलपति से पूछताछ वहीं दूसरी ओर ईडी ने बृहस्पतिवार को जौहर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर जहीरूद्दीन से गहन पूछताछ की। बता दें कि वर्तमान में यूनिवर्सिटी में पूर्व मंत्री आजम खां चांसलर और उनके बेटे मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खां प्रो-चांसलर हैं। ईडी के अधिकारियों ने उनसे जौहर ट्रस्ट में उनकी भूमिका, और कुलपति के पद पर तैनाती की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की। साथ ही विश्वविद्यालय में सरकारी विभागों की रकम से बने भवनों के बारे में भी पूछा। इसके अलावा चार समन देने के बावजूद पेश नहीं हो रहे ए एंड एस इंटरप्राइजेज के सलीम ने भी बृहस्पतिवार को ईडी के सामने पेश होकर अपना बयान दर्ज कराया है। दोनों से करीब आठ घंटे तक चली पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया। ईडी ने अगले सप्ताह जौहर ट्रस्ट के सभी टस्ट्रियों से भी पूछताछ करेगी। ईडी कार्यालय की सुरक्षा का जिम्मा सीआईएसएफ को वहीं दूसरी ओर ईडी, लखनऊ के जोनल कार्यालय की सुरक्षा का जिम्मा अब सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) को सौंप दिया गया है। पहले यह जिम्मा निजी सुरक्षा एजेंसी के पास था। ईडी कार्यालय में बृहस्पतिवार को सीआईएसएफ के 33 कर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल ली। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ईडी, लखनऊ के जोनल डायरेक्टर राकेश कुमार सुमन और सीआईएसएफ ग्रुप हेडक्वार्टर, प्रयागराज के ग्रुप कमांडेंट भैंरो प्रताप सिंह मौजूद रहे। Post navigation घाटमपुर में जारी है रिमझिम बारिश, छाता और बरसाती बने सहारा रांची में खराब मौसम से वाराणसी डायवर्ट हुए इंडिगो के 2 विमान