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लखनऊ, डॉ.जितेंद्र बाजपेयी : नसीर ने जौहर ट्रस्ट में अपनी भूमिका से इनकार किया और कई सवालों का जवाब देने से बचते रहे। ईडी ने उन्हें ट्रस्ट के संयुक्त सचिव के रूप में उनकी तैनाती से संबंधित दस्तावेजों के साथ दोबारा तलब किए जाने की हिदायत देकर जाने दिया।

पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिजनों के जौहर ट्रस्ट की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच का दायरा अब उनके करीबी राजनेताओं तक पहुंच गया है। ईडी ने मंगलवार को रामपुर की चमरौआ सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक नसीर अहमद खां से करीब सात घंटे तक पूछताछ की। नसीर जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव रहे हैं। इसी वजह से ईडी ने उन्हें समन भेजकर तलब किया था।

सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने ट्रस्ट में होने वाले फैसलों में उनकी भूमिका, दान दिलाने और जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों से जुड़े सवाल पूछे

सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने ट्रस्ट में होने वाले फैसलों में उनकी भूमिका, दान दिलाने और जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों से जुड़े सवाल पूछे। साथ ही शत्रु संपत्ति प्रकरण में भी उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ की गई। अधिकारियों को आशंका है कि ट्रस्ट के कई महत्वपूर्ण फैसलों में नसीर की संलिप्तता रही है। पूछताछ के दौरान नसीर ने ट्रस्ट में अपनी भूमिका से इनकार किया और कई सवालों का जवाब देने से बचते रहे। ईडी ने उन्हें ट्रस्ट के संयुक्त सचिव के रूप में उनकी तैनाती से संबंधित दस्तावेजों के साथ दोबारा तलब किए जाने की हिदायत देकर जाने दिया।

आयकर जांच के दायरे में भी रहे हैं नसीर
नसीर के खिलाफ आजम खां के साथ मिलकर शत्रु संपत्ति हड़पने का मुकदमा भी दर्ज है। इस मामले में अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने पर उन्हें सरेंडर करना पड़ा था। पुलिस ने आजम खां, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा, दोनों बेटों अदीब व अब्दुल्ला आजम, बहन निखत अखलाक और नसीर अहमद समेत सात आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।

जौहर ट्रस्ट की जांच के दौरान आयकर विभाग ने नसीर अहमद के ठिकानों पर भी छापे मारे थे। अब ईडी द्वारा इस प्रकरण को भी जांच के दायरे में लेने से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ईडी अब ट्रस्टी शहरयार खां से पूछताछ की तैयारी कर रही है। शहरयार ने खुद को डमी ट्रस्टी बताया था।