Chandra churn singh

नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क : बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह (Chandrachur Singh) ने अपनी बुआ गायत्री देवी, दो चचेरे भाइयों और चार अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके दादा की वसीयत में हेराफेरी करके उनके पिता को उनकी विरासत से वंचित किया गया है।

प्रॉपर्टी पर किए फर्जी हस्ताक्षर

29 अगस्त को रोरावाड़ पुलिस स्टेशन में दर्ज अपनी शिकायत में चंद्रचूड़ ने आरोप लगाया है कि अलीगढ़ के बाहरी इलाके में स्थित जलालपुर गांव के एक प्रमुख जमींदार उनके दादा ठाकुर हरेंद्र पाल सिंह के हस्ताक्षर 1997 में उस समय जाली बनाए गए थे, जब वे गंभीर रूप से बीमार थे और कथित तौर पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की स्थिति में नहीं थे।

चंद्रचूड़ ने आरोप लगाया कि उनके चाचा गंगा सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों ने वसीयत पर जाली हस्ताक्षर किए जिससे उनके पिता, स्वर्गीय कैप्टन बलदेव सिंह, अपने उत्तराधिकार के अधिकारों से वंचित हो गए।

शिकायत के अनुसार, जब कथित तौर पर वसीयत पर हस्ताक्षर किए गए, तब कैप्टन बलदेव सिंह अलीगढ़ में उपस्थित नहीं थे। उन्होंने बताया कि उनके दूसरे चाचा, पुनिया प्रताप सिंह, हरेंद्र पाल सिंह से पहले ही गुजर चुके थे।

अभिनेता ने क्या लगाया आरोप?

अभिनेता ने आगे आरोप लगाया कि विवादित वसीयत के तहत विरासत में मिली अधिकांश प्रमुख संपत्तियों को वर्षों बाद बेच दिया गया। शुक्रवार शाम पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत जुटा लिए हैं। चंद्रचूड़ ने यह भी बताया कि एफआईआर दर्ज कराने के बाद उन्होंने पुलिस में अपना बयान दर्ज कराया।

यह विवाद पिछले साल सामने आया था, जब गायत्री देवी ने आरोपों को झूठा बताते हुए चंद्राचूर पर उन्हें झूठा फंसाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी कहा था कि वसीयत असली थी। बता दें कि चंद्रचूड़ के पिता, कैप्टन बलदेव सिंह अलीगढ़ शहर से कांग्रेस के पूर्व विधायक थे। उनका कुछ साल पहले निधन हो गया था।

पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।