Donalod-Trump

वाशिंगटन, डिजिटल डेस्क : भारत की मतदाता पहचान पत्र आधारित चुनाव व्यवस्था से प्रभावित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने देश में भी इसे लागू करने की इच्छा फिर जताई है।

नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव में प्रचार के दौरान वह इसके लिए नियमों में बदलाव की मांग को मुख्य मुद्दों में शामिल करेंगे। मध्यावधि चुनाव अमेरिकी संसद की रिक्त सीटों को भरने के लिए होगा।

साउथ कैरोलिना में आयोजित जनसभा में ट्रंप ने कहा, हम अमेरिकी चुनावों की पवित्रता की रक्षा के लिए सेव अमेरिका एक्ट पारित करेंगे। प्रत्येक मतदाता की फोटो आधारित पहचान वाला विधान होना चाहिए। इससे उसकी अमेरिका का नागरिक होने की पहचान भी साबित होगी।

नागरिकता का प्रमाणपत्र भी बनेगा Voter ID

सभी मतदाता अपना फोटो पहचान पत्र दिखाएंगे। यह नागरिकता प्रदर्शित करने का बहुत सामान्य साक्ष्य होगा। हमें विश्वास है कि हम इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में भी जीतेंगे, क्योंकि यह स्थायी व्यवस्था वाला कानूनी प्रविधान होगा। लेकिन ट्रंप अमेरिकी मतदाताओं की पहचान स्पष्ट करने वाली व्यवस्था को लागू करने की कोशिश में डेमोक्रेटिक पार्टी को सबसे बड़ी बाधा मानते हैं।

ट्रंप ने कहा कि विपक्षी पार्टी हमेशा इस तरह की व्यवस्था बनाने का विरोध करती है जबकि मतदाता की पहचान से उसकी नागरिकता भी स्पष्ट होगी जिससे अमेरिका सुरक्षित होगा।

विदित हो कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इसी सप्ताह भारत में लागू फोटो वाले मतदाता पहचान पत्र और भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की प्रशंसा की है और इस व्यवस्था के अमेरिका में लागू होने की आवश्यकता जताई है।

अमेरिकी विदेश नीति में चीन का उल्लेख करते हुए ट्रंप ने बताया कि आगामी दो हफ्तों में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग अमेरिका का दौरा करेंगे। उनसे व्हाइट हाउस के नए मिलिट्री बालरूम में वार्ता होगी।

ट्रंप ने ईरान के साथ विवाद का केंद्र बने होर्मुज स्ट्रेट को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बताते हुए उसे अमेरिकी क्षेत्र बताया। कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।