नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क : शब्दों की सादगी और पूर्वांचल की माटी की खुशबू लिए हिंदी सिनेमा के कई गीत आपने सुने होंगे। ये अनगिनत सदाबहार गीत अंजान (Anjaan) की कलम से निकले हैं। ‘दे दे प्यार दे’,’मुझे नौ लखा मंगा दे रे’,’रोते हुए आते हैं सब’, ‘तेरे जैसा यार कहां’, ‘इंतहा हो गई इंतजार की’ आदि-आदि उन्हीं की देन हैं। उनका लिखा हर एक गीत आम आदमी के दिल की धड़कन और भावनाओं से जुड़ा हुआ महसूस होता था। 300 से ज्यादा फिल्मों के लिए लिखे गीत मशहूर गीतकार अनजान 300 से ज्यादा फिल्मों के लिए 1500 से ज्यादा सदाबहार गीत लिखे। इन्हें लोग आज भी गुनगुनाते नहीं थकते हैं। अंजान का असली नाम लालजी पांडेय था। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बनारस में हुआ था। बॉलीवुड में कदम रखने से पहले वह गणित के ट्यूशन टीचर के तौर पर बच्चों को शिक्षा देते थे और घर का पेट पालते थे। उन्होंने बचपन से ही कविता और लेखनी का शौक था। बचपन में लिखते थे कविताएं उनके परदादा राजाराम शास्त्री बड़े ज्ञाता थे जिन्होंने उन्हें इस ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बनारस की पत्र-पत्रिकाओं में उनकी कविताएं छपने लगीं और स्थानीय काव्य गोष्ठियों में वह अपनी सुरीली आवाज में कविता पढ़कर लोगों का दिल जीतने लगे। उन्होंने साल 1953 में गोलकुंडा का कैदी फिल्म से अपने करियर की शुरूआत की थी। उनके गीतों में प्यार है, दर्द है और जिंदगी की हकीकत दिखती थी। गानों में दिखती थी भोजपुरी मिठास 1970 और 80 के दशक में अमिताभ बच्चन की कई लोकप्रिय फिल्मों के गीत उन्हीं ने लिखे थे। उनकी लेखन शैली बेहद सरल, सहज थी और उसमें भोजपुरी की मिठास महसूस होती थी। खईके पान बनारस वाला, ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना, मुझे नौलखा मंगा दे रहे अंजान की ही देन हैं। मशहूर और दिग्गज गीतकार समीर (शीतला पांडेय) उनके ही सुपुत्र हैं। समीर ने अपने दम पर बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। खईके पान बनारस वाला के पीछे एक मस्त किस्सा है जो समीर ने खुद एक इंटरव्यू में सुनाया था। 20 मिनट में लिख दिया था गाना समीर ने बताया कि फिल्म डॉन के डॉयरेक्टर चंद्र बरोट को ऐसा गीत चाहिए था जो लोगों की जुबान पर हो। तब पिताजी ने 20 मिनट में ‘खइके पान बनारस वाला’ गीत लिखा था जो सुपरहिट हुआ। अंजान का निधन 3 सितंबर 1997 को 67 वर्ष की उम्र में हुआ था। आज भले ही अंजान हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके ये गीत हमेशा हमारे बीच अमर रहेंगे। Post navigation RCB ने 1.10 करोड़ रुपये खर्च करके खरीदे 4 खिलाड़ी, अब तैयार हुआ पूरा स्क्वाड सोने-चांदी के दाम में नरमी से चमका सराफा बाजार, रोज होने लगा 125 करोड़ का व्यवसाय