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नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क : ‘लंबे कानूनी विवाद में न फंसे…’, सुप्रीम कोर्ट को उम्मीद; आपसी सहमति से सुलझ जाएगा रानी-प्रिया कपूर विवादशीर्ष अदालत ने कहा कि मध्यस्थता प्रक्रिया काफी संतोषजनक ढंग से आगे बढ़ रही है।

किसी लंबे कानूनी विवाद से बचने की दी सलाह

जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने मध्यस्थ एवं पूर्व प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की ओर से दाखिल प्रारंभिक मध्यस्थता रिपोर्ट पर संज्ञान लिया और कहा, “अब तक मध्यस्थता की कार्यवाही छह सत्रों में हुई है। मध्यस्थ ने परिवार के सभी सदस्यों से बातचीत की है। हमें खुशी है कि मध्यस्थता काफी संतोषजनक ढंग से आगे बढ़ रही है और सभी पक्ष सहयोग कर रहे हैं।”

शीर्ष अदालत ने इस बात पर भी संज्ञान लिया कि मध्यस्थ ने मध्यस्थता के लिए दो नवंबर तक का समय देने का अनुरोध किया है। पीठ ने कहा, “सभी पक्ष खुले मन से मध्यस्थ के पास जाएं और सुनिश्चित करें कि वे किसी लंबे कानूनी विवाद में न फंसें।मध्यस्थता को आगे बढ़ने दें, हम एक और रिपोर्ट का इंतजार करेंगे। अगर मध्यस्थता विफल रहती है, तो आप सभी को कानून के अनुसार आगे बढ़ने की अनुमति होगी, लेकिन वह दिन न आने दें।”

फैमिली ट्रस्ट से किया जाएगा मध्यस्थ की फीस का भुगतान

साथ ही निर्देश दिया कि मध्यस्थ की फीस का भुगतान आरके फैमिली ट्रस्ट से किया जाएगा और इस संबंध में आगे कोई बहस नहीं होगी। गौरतलब है कि 27 अप्रैल को शीर्ष अदालत ने 80 वर्षीय रानी कपूर द्वारा दायर मुकदमे पर प्रिया कपूर और अन्य से जवाब मांगा था। इसमें पारिवारिक आरके ट्रस्ट को “अमान्य और शून्य” घोषित करने के निर्देश देने की मांग की गई थी।

संजय कपूर की मां रानी कपूर ने अपनी अर्जी में कोर्ट से यह मांग की थी कि कोर्ट द्वारा शुरू की गई मीडिएशन प्रोसीडिंग्स के पेंडिंग रहने तक प्रिया कपूर और दूसरे पक्षकारों को आरके फैमिली ट्रस्ट के काम में दखल देने की अनुमति न दी जाए।