Artemis II mission के चौथे दिन मैनुअल पायलटिंग का सफल प्रदर्शन

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नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : Artemis II mission : अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के आर्टेमिस II मिशन के चौथे दिन क्रू सदस्यों ने ओरियन यान में मैनुअल पायलटिंग का सफल प्रदर्शन पूरा कर लिया। यह मिशन चंद्रमा के चारों ओर घूमकर वापस पृथ्वी लौटने का परीक्षण है। क्रू ने मून फ्लाईबाई की योजना की भी समीक्षा की।

नासा की एस्ट्रोनॉट क्रिस्टीना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसेन ने बारी-बारी से ओरियन यान को नियंत्रित किया। 41 मिनट तक उन्होंने दो अलग-अलग थ्रस्टर मोड का परीक्षण किया। इस परीक्षण से इंजीनियर्स को यान की पायलटिंग क्षमताओं के बारे में ज्यादा जानकारी मिली। सोमवार, 6 अप्रैल को अपने छह घंटे के फ्लाईबाई के दौरान वे तस्वीरें लेंगे और विश्लेषण करेंगे। फ्लाईबाई की अवधि 6 अप्रैल को दोपहर 2:45 बजे शुरू होगी।

मिशन कमांडर रीड वाइसमैन और पायलट विक्टर ग्लोवर इस प्रदर्शन को उड़ान के आठवें दिन यानी 9 अप्रैल को दोहराएंगे। इससे जमीनी टीम को यान के प्रदर्शन के विभिन्न पहलुओं की बेहतर समझ मिल सकेगी।

चंद्रमा की सतह की विशेषताओं की सूची की समीक्षा की

क्रू ने चंद्र विज्ञान टीम द्वारा भेजी गई चंद्रमा की सतह की विशेषताओं की सूची की समीक्षा की। अब सोमवार 6 अप्रैल को छह घंटे की चंद्र फ्लाईबाई के दौरान वे इन स्थानों की तस्वीरें लेंगे और उनका विश्लेषण करेंगे। फ्लाईबाई दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से शुरू होगी, इस दौरान ओरियन यान की मुख्य खिड़कियां चंद्रमा की ओर होंगी। इससे पहले क्रू ने ओरियन यान के सौर पैनल कैमरों का उपयोग करके कुछ सेल्फी लीं। ये तस्वीरें आने वाले दिनों में पृथ्वी पर भेजी जाएंगी।

आर्टेमिस II मिशन अपोलो के बाद पहली बार मानवयुक्त यान को चंद्रमा के पास ले जाने वाला है। चार सदस्यीय दल में रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। मिशन का उद्देश्य ओरियन यान की गहरे अंतरिक्ष में क्षमताओं का परीक्षण करना है, ताकि भविष्य में चंद्रमा पर मानव बस्ती बसाने की तैयारी हो सके।

आज 5 अप्रैल मिशन के पांचवें दिन तक धरती के गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव की वजह से कैप्सूल की रफ्तार धीमी हो जाएगी। जैसे ही यह चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में दाखिल होगा, इसकी गति फिर से बढ़ने लगेगी और चांद की ओर तेजी से बढ़ने लगेगा।