नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए ब्राजील के ब्राजील के अमेजन क्षेत्र के बेलम में सोमवार से जलवायु वार्ता कांफ्रेंस आफ पार्टीज (सीओपी-30) की शुरुआत हो रही है। यह वार्ता 21 नवंबर तक चलेगी। इस बार अमेरिका ने सीओपी-30 से दूरी बना रखी है। ट्रंप प्रशासन ने वार्ता में वार्ताकारों को नहीं भेजा है। सीओपी-30 के अध्यक्ष आंद्रे कोर्रिया डो लागो ने कहा कि वार्ताकारों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। उन्होंने रविवार को वार्ताकारों को पत्र में लिखा, या तो हम अपनी इच्छा से, साथ मिलकर बदलाव का फैसला करें, या फिर हमें त्रासदी का सामना करना पड़ेगा। हमें यह सब मिलकर करना होगा। जलवायु परिवर्तन को लेकर चेतावनी इस बीच पीटीआई के अनुसार संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन कार्यकारी सचिव साइमन स्टील ने कहा कि देशों को उत्सर्जन में कटौती के लिए तेजी से आगे बढ़ना होगा, उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम होंगे। जलवायु आपदाओं से जीवन और अर्थव्यवस्था को तबाह कर रही हैं। उन्होंने वार्ताकारों से कहा कि वे आपस में लड़ने के बजाए जलवायु परिवर्तन की समस्या से लड़ें। उन्होंने वार्ताकारों से आग्रह किया कि वे इस बात पर जोर दें कि जीवाश्म ईंधन से दूरी, न्यायसंगत और समावेशी आर्थिक परिवर्तन तथा अनुकूलन और प्रौद्योगिकी पर मजबूत कार्रवाई जैसे जिन मुद्दों पर विश्व जिस बात पर पहले ही सहमत हो चुका है, उसे कैसे पूरा किया जाए। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए फंडिंग जरूरत के 10 प्रतिशत से भी कम- सीएसआई क्लाइमेट एंड सस्टेनेबिलिटी इनिशिएटिव (सीएसआई) ने सोमवार को जारी श्वेत पत्र में चेताया कि जलवायु अनुकूलन के लिए फंडिंग वर्तमान में प्रत्येक वर्ष अपेक्षित अनुमानित 310-365 अरब अमेरिकी डालर के 10 प्रतिशत से भी कम है। इसमें दावा किया गया है कि अनुकूलन फंडिंग 2023 में घटकर लगभग 26 अरब अमेरिकी डालर रह गई। सीएसआई ने रिपोर्ट में कहा कि बढ़ती वैश्विक प्रतिबद्धताओं के बावजूद अनुकूलन फंडिंग अभी भी अपर्याप्त है। Post navigation Ukraine : 10 करोड़ डॉलर का घोटाला, एक्शन में जेलेंस्की Bharat : समय से पहले ठंड की दस्तक, दिल्ली-राजस्थान में तापमान 10 डिग्री से नीचे