Bengaluru Stampede को लेकर RCB और अन्य के खिलाफ केस दर्ज

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नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क : आरसीबी के जीत के जश्न के दौरान एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुआ भगदड़ में बेंगलुरु पुलिस ने स्वतः (सुओ मोटो) मामला दर्ज किया है। बुधवाक को हुए इस हादसे में जिसमें 11 लोगों की मृत्यु हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हुए। पुलिस ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी), कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ और DNA एंटरटेनमेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। राज्य सरकार के अनुसार, RCB की आईपीएल जीत का जश्न DNA एंटरटेनमेंट द्वारा आयोजित किया गया था, जबकि इस कार्यक्रम का आयोजन कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने किया था।

राज्य मंत्रिमंडल की गुरुवार को बैठक हुई जिसमें इस मामले को सीआईडी को सौंपे जाने पर चर्चा की गई। बैठक में यह भी तय किया गया कि भगदड़ की घटना के पीछे की घटनाओं की श्रृंखला, केएससीए, आरसीबी, इवेंट मैनेजमेंट कंपनी और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी। जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पांच धाराओं केअंतर्गत मामला दर्ज

पुलिस ने यह प्रकरण भारतीय न्याय संहिता की 5 धाराओं के तहत दर्ज किया है जिनमें से एक है धारा 105 जो गैर-इरादतन हत्या से संबंधित है। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि केएससीए, डीएनए नेटवर्क्स और आरसीबी ने कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं मिलने के बावजूद आयोजन किया। उन्होंने उचित व्यवस्थाएं नहीं कीं और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जबकि पुलिस ने पहले से चेतावनी दी थी। जांच में यह भी कहा गया है कि आरसीबी के सोशल मीडिया अकाउंट से बार-बार स्टेडियम गेट्स पर फ्री पास मिलने की जानकारी साझा की गई जिससे बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए।

जांच में यह पाया गया है कि पुलिस ने मौजूद संसाधनों को देखते हुए अधिक से अधिक पुलिस बल तैनात किया था जिसके कारण और बड़े हादसा होने से रोका गया।

आरसीबी को भेजेंगे नोटिस
एफआईआर के अलावा इस घटना की जांच के लिए कर्नाटक सरकार द्वारा नियुक्त जिला मजिस्ट्रेट जी. जगदीशा ने आज बोले कि बेंगलुरु मेट्रो और आरसीबी फ्रेंचाइजी को भी नोटिस भेजे जाएंगे। जगदीशा ने आज बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम का भृमण किया और उन गेटो का निरीक्षण किया जहां भारी मात्रा में भीड़ जमा हो गई थी और हालात बिगड़कर भगदड़ में बदल गई । जी. जगदीशा ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैंने आज से ही इसकी (जांच की) शुरुआत कर दी है।”

जिला मजिस्ट्रेट को यह रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार को सौंपनी है। जगदीशा ने बताया कि वे घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य दृश्य सामग्रियों का विश्लेषण करेंगे और इसके साथ वे उन परिवारों से भी बयान लेंगे जिनके सदस्य इस दुर्घटना में मारे गए या घायल हुए हैं।