पुणे, संवाददाता : सैम के नाम से मशहूर 22 वर्षीय समिहान कुलकर्णी पुणे के उभरते हुए ईस्पोर्ट्स टैलेंट हैं। वे टीमविक्टोरेस सुमस के लिए बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया शोडाउन 2025 में खेल रहे हैं। टीम के अटैकर के तौर पर सैमभारत के सबसे बड़े बीजीएमआई मंच पर अपने दम दिखाने के लिए तैयार हैं, जहाँ वे ओवैस, शयान, माफिया और निंज़ाजैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलेंगे। समिहान की बीजीएमआई यात्रा वर्ष 2018 में शुरू हुई थी , लेकिन इसे आकार वर्ष 2022 में जाकर मिला, जब उन्होंने खुद को पूरी तरह गेम के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा, “मुझे हमेशा मोबाइल पर एफपीएस गेम्स पसंद थे और मेरे पड़ोसी ने मुझे बीजीएमआई के बारे में बताया। गेम में वह सब था, जो मैं चाहता था, इसलिए मैं तुरंत इससे जुड़ गया।”सैम ऐसे माहौल में पले-बढ़े, जहाँ गेमिंग को आसानी से स्वीकार नहीं किया जाता था। राइजिंग स्टार प्रोग्राम के लिए हुआ समिहान का चयन एक कारण यह भी रहा कि शुरुआत में परिवार का पूरा समर्थन नहीं मिला। समिहान बताते हैं, “पहले उन्हें समझ नहीं आया, लेकिन जब इसके माध्यम से मैंने कमाना शुरू किया, तो उन्होंने पूरा साथ दिया और साथ ही हमेशा मुझे अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।” समिहान की मेहनत रंग लाई, जब उनका चयन क्राफ्टन के राइजिंग स्टार प्रोग्राम के लिए हुआ। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहाँ ईस्पोर्ट्स एथलीट्स को ट्रेनिंग, स्ट्रीमिंग गियर और मोटिवेशन दिया जाता है, ताकि वे अपने हुनर को और निखार सकें। सैम बताते हैं , “राइजिंग स्टार प्रोग्राम एक अविश्वसनीय मौका है। मैंने कभी सोचा नहीं था कि क्राफ्टन जैसे नाम से इस स्तर पर जुड़ पाऊँगा। अब मैं इस अवसर को पूरी तरह जीना चाहता हूँ।” समिहान सिर्फ अपनी टीम के लिए नहीं, बल्कि भारत के उभरते ईस्पोर्ट्स खिलाड़ियों के लिए भी नई राह बनाना चाहते हैं। वे कहते हैं, “मैं दिखाना चाहता हूँ कि निरंतर मेहनत और लगन से कोई भी शून्य से शुरू करके शिखर तक पहुँच सकताहै। मेरा लक्ष्य है कि मैं एक बार फिर अपनी ले पर काम करूँ, ट्रॉफी जीतूँ और आलोचकों को गलत साबित करूँ।” Post navigation अमृता विश्व विद्यापीठम ने खोला इंटरनेशनल लॉ स्कूल Waqf Act : सुप्रीम कोर्ट ने कई प्रावधानों पर लगाई रोक