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वाशिंगटन, डिजिटल डेस्क : अमेरिका और पाकिस्तान ने आईएसआईएस खुरासन, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और इसके सहयोगियों समेत क्षेत्र में सक्रिय कई आतंकी संगठनों का सामना करने का संयुक्त संकल्प लिया है।

मंगलवार को आयोजित चौथे अमेरिका-पाकिस्तान आतंकवाद विरोधी संवाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने वर्तमान खतरे के माहौल पर विचार-विमर्श किया और सहयोग बढ़ाने के रास्तों की खोज की।

इस संवाद का नेतृत्व अमेरिका के आतंकवाद विरोधी समन्वयक राजदूत ग्रेगोरी लोगेरफो और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के विशेष सचिव एंबेसडर नबील मुनीर ने किया।

अमेरिका और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में कहा गया कि इस संवाद ने अमेरिका-पाकिस्तान आतंकवाद विरोधी साझेदारी में साझा हितों और आतंकवाद का सामना करने के लिए दोनों देशों की दृढ़ता को रेखांकित किया।

बयान में कहा गया कि प्रतिनिधियों ने वर्तमान खतरे के माहौल पर विचार-विमर्श किया, सहयोग बढ़ाने के रास्तों की खोज की और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकी सहायता नेटवर्क को बाधित करने के कदमों पर चर्चा की।

बयान में कहा गया, “अमेरिका और पाकिस्तान ने उन आतंकी संगठनों का सामना करने के लिए अपने संयुक्त संकल्प की पुष्टि की जो उनके नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डालते हैं, जिसमें आईएसआईएस-खोरासन (आइएसआइएस-के), अलकायदा (एक्यू), तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और इसके सहयोगी शामिल हैं।”

दोनों सरकारों ने यह सुनिश्चित करने के लिए अपने आतंकवाद विरोधी सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया कि दोनों राष्ट्र सुरक्षित और संरक्षित रहें और क्षेत्रीय शांति, समृद्धि और स्थिरता का हिस्सा बनें।