नई दिल्ली,डिजिटल डेस्क : बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हो रहे अत्याचारों की एक और घटना में सामने आई है। 11 जनवरी की रात को फेनी के डागनभुइयां में एक हिंदू व्यक्ति को पहले पीटा गया फिर काटकर मार डाला गया। मृतक की पहचान समीर कुमार दास के रूप में हुई है। वह 29 साल का था और पेशे से ऑटो-रिक्शा ड्राइवर था। दास की खून से लथपथ लाश एक अस्पताल के पास मिली थी। बदमाशों ने उसे मारने के बाद उसका ऑटो रिक्शा भी छीन लिया। सोची समझकर की गई हत्या कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, दास का मोबाइल फोन, कैश और सोने की चेन नहीं ली गई और इससे लूटपाट की वजह से हत्या की बात खारिज हो जाती है और इसके बजाय यह एक सोची-समझी हत्या की ओर इशारा करता है। पुलिस अधिकारियों को भी शक है कि यह एक सोची-समझी हत्या है। बांग्लादेश में नहीं थम रही सांप्रदायिक हिंसा जैसे-जैसे बांग्लादेश में आम चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, सांप्रदायिक हिंसा खतरनाक स्तर से बढ़ रही है। अकेले दिसंबर में ही हिंसा की कम से कम 51 घटनाएं रिपोर्ट की गईं। बांग्लादेश हिंदू बुद्धिस्ट क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल ने एक बयान में कहा कि इनमें 10 हत्याएं, चोरी और डकैती के 10 मामले, घरों, बिजनेस जगहों, मंदिरों और जमीन पर कब्जे, लूटपाट और आगजनी की 23 घटनाएं, धार्मिक बदनामी और रॉ के एजेंट होने के झूठे आरोपों पर गिरफ्तारी और टॉर्चर के चार मामले, एक रेप की कोशिश और मारपीट की तीन घटनाएं शामिल हैं। इस साल जनवरी के पहले हफ्ते में भी हिंसा का यह सिलसिला जारी रहा। Post navigation J&K : भारत की विविधता को समझने पहुंचे विदेशी छात्र, छात्राओं से मिले सीएम उमर अब्दुल्ला खामेनेई सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में घुसा ट्रक, कई लोगों को रौंदा