नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : भारत का डिजिटल भुगतान सिस्टम यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अपनी सफलता के झंडे पूरी दुनिया में गाड़ रहा है। फ्रांस, यूएई और सिंगापुर जैसे देशों के बाद अब एक और यूरोपीय देश साइप्रस इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होने जा रहा है। भारत की यात्रा पर आए साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने घोषणा की है कि साल 2027 से साइप्रस में यूपीआई ऑपरेशनल हो जाएगा।
पर्यटकों को मिलेगा फायदा, बढ़ेगी फाइनेंशियल कनेक्टिविटी
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते से न केवल भारतीय पर्यटकों को विदेशों में भुगतान करने में आसानी होगी, बल्कि दोनों देशों के बीच वित्तीय जुड़ाव भी बढ़ेगा। यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत का यूपीआई हर महीने नए रिकॉर्ड बना रहा है। मार्च 2026 में देश में कुल 22.64 बिलियन (2,264 करोड़) ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 29.53 लाख करोड़ रुपये रही।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा में भी बड़ी साझेदारी
भारत और साइप्रस के बीच संबंध केवल वित्तीय लेनदेन तक ही सीमित नहीं हैं। दोनों देशों ने ‘द्विपक्षीय रक्षा सहयोग कार्यक्रम 2026’ पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होगा। इसके साथ ही, राष्ट्रपति निकोस ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) का भी खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि साइप्रस इस महत्वाकांक्षी योजना में भारत और यूरोप को जोड़ने वाला एक भरोसेमंद पुल (Bridge) बनेगा।
भारत में 9वां सबसे बड़ा निवेशक है साइप्रस
बहुत कम लोग जानते होंगे कि साइप्रस भारत में सीधे विदेशी निवेश (FDI) के मामले में दुनिया का 9वां सबसे बड़ा देश है। यूरोपीय संघ (EU) के भीतर यह नीदरलैंड के बाद दूसरा सबसे बड़ा निवेशक है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 2000 से लेकर अब तक साइप्रस ने भारत में लगभग 16 बिलियन डॉलर का भारी-भरकम निवेश किया है।
