नई दिल्ली, संवाददाता : धोखाधड़ी के एक मामले में भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर को आरोप मुक्त करने के निचली अदालत के फैसले को रद करने के सत्र अदालत के निर्णय पर दिल्ली हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी की पीठ ने मामले पर नोटिस जारी कर सुनवाई स्थगित कर दी। गंभीर ने सत्र अदालत के निर्णय को चुनौती दी है। राउज एवेन्यू के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने यह फैसला 29 अक्टूबर को सुनाया था। यह मामला रियल इस्टेट कंपनियों एच आर इन्फ्रासिटी,रुद्र बिल्डवैल,और यू एम आर्किटेक्चर्स से जुड़ा है। फ्लैट खरीदारों से धोखाधड़ी का मामला इन कंपनियों और उनके निदेशकों पर आरोप है कि उन्होंने फ्लैट खरीदारों से धोखाधड़ी की। अदालत ने कहा कि गंभीर के खिलाफ आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उनकी भूमिका की और जांच होनी चाहिए। गौतम गंभीर ने अदालत धोखाधड़ी केस में दिए नए तरीके से जांच के आदेश दिए थे। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने अपने आदेश में लिखा कि वह अकेले ऐसे आरोपित हैं जिनका निवेशकों के साथ सीधा संपर्क था, क्योंकि वे रुद्र बिल्डवैल कंपनी के ब्रांड एंबेसडर थे। हालांकि, मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश में इस बात का कोई जिक्र नहीं था कि गंभीर को कंपनी से 4.85 करोड़ रुपये मिले और गंभीर को छह करोड़ रुपये देने पड़े। ऑस्ट्रेलिया में गंभीरगंभीर वर्तमान समय टीम इंडिया के साथ ऑस्ट्रेलिया में हैं। गंभीर के लिए ये दौरा अच्छा नहीं रहा है। इस दौरे पर भारत को पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-3 से हार का सामना करना पड़ा है। हार के बाद गौतम गंभीर की कोचिंग पर भी सवाल उठे हैं। उनके कई फैसलों की दिग्गजों ने आलोचना की है। Post navigation Pushpa 2 : Pushpa 2 की वर्ल्डवाइड कमाई ने किया हैरान Weather Update : कानपुर का पारा गिरा, कई शहरों में वर्षा के आसार