नई दिल्ली , डिजिटल डेस्क : विश्व के सबसे अहम ऊर्जा मार्ग होर्मुज स्ट्रेट में बीते कई महीनों से जारी तनाव को कम करने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। ईरान और ओमान संयुक्त रूप से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग का संचालन करने पर सहमत हो गए हैं। हालांकि, जहाजों पर टोल लगाने को लेकर चर्चा जारी है और इस पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। पीबीएस न्यूज के अनुसार, इस व्यवस्था को तैयार करने में ईरान, ओमान और संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आइएमओ) शामिल हैं, जिसे अमेरिका का भी समर्थन प्राप्त है। शुरुआती प्रस्ताव के अनुसार जहाजों की आवाजाही शुल्क मुक्त रखने की बात कही गई है, ताकि क्षेत्र में तनाव कम हो और अमेरिका-ईरान युद्धविराम को आगे बढ़ाया जा सके। 14 सूत्रीय प्रारंभिक समझौते (एमओयू) को लागू करने की दिशा में पहला कदम मानी जा रही है। यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी होगी और जून में हुए 14 सूत्रीय प्रारंभिक समझौते (एमओयू) को लागू करने की दिशा में पहला कदम मानी जा रही है। इस समझौते में 60 दिनों के युद्धविराम, ईरान के परमाणु कार्यक्रम, फ्रीज संपत्तियों को छोड़ने और होर्मुज स्ट्रेट के स्थायी समाधान जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसी दौरान ईरान को तेल निर्यात में भी राहत मिलने की उम्मीद है। इस पहल को खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) का भी समर्थन मिला है। हालांकि सबसे बड़ा पेच टोल वसूली को लेकर बना हुआ है। रॉयटर्स के अनुसार, ईरान जहाजों से पांच से सात प्रतिशत तक शुल्क लेने का पक्षधर है, जबकि ओमान इसे तीन प्रतिशत तक सीमित रखना चाहता है। दूसरी ओर अमेरिका चाहता है कि इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर किसी तरह का टोल न लगाया जाए। एक अन्य विवाद जहाजों के अंतिम मार्ग को लेकर भी है। ईरान का कहना है कि आने और जाने वाले दोनों जहाज उसकी समुद्री सीमा से होकर गुजरें, जबकि ओमान के मार्ग से बाहर जाने वाले जहाजों की निगरानी की व्यवस्था पर अभी बातचीत जारी है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि दोनों देशों के बीच बुनियादी सहमति बन चुकी है और अब केवल अंतिम तकनीकी पहलुओं को तय किया जाना बाकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका जून में हुए समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं, विशेषकर सैन्य कार्रवाई रोकने के वादे, को पूरा करने के लिए तैयार है। उनके अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट को सामान्य रूप से खोलने की दिशा में यह सबसे महत्वपूर्ण शर्त थी। शरीफ-मुनीर सऊदी अरब की यात्रा पर 14 सूत्रीय प्रारंभिक समझौते (एमओयू) को लागू करने की दिशा में पहला कदम मानी जा रही है।14 सूत्रीय प्रारंभिक समझौते (एमओयू) को लागू करने की दिशा में पहला कदम मानी जा रही है। मीड़िया के अनुसार, लाल सागर में सऊदी अरब और हाउती विद्रोहियों के बीच बढ़ रहे तनाव के मद्देनजर बातचीत के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर तीन दिन की यात्रा पर सऊदी अरब रवाना हो गए। इस दल में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इशाक डार और अन्य मंत्री भी शामिल होंगे। वह पहले से सऊदी अरब में मौजूद हैं। लेबनान में दो इजरायली सैनिक मारे गए एपी के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला और इजरायल के बीच संघर्षविराम के बीच गुरुवार को दोनों पक्षों में एक बार फिर झड़प हो गई, जिसमें दो इजरायली सैनिकों की मौत हो गई। वहीं, चार सैनिक घायल बताए गए हैं। इजरायली सेना ने बुधवार को संघर्ष विराम उल्लंघन का आरोप लगाते हुए हमला किया था। हिजबुल्ला की तरफ से बयान जारी नहीं किया गया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमले में एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि 12 घायल हो गए थे। Post navigation सूर्य की अब तक की सबसे हाई रिजाल्यूशन फोटो आई सामने, सतह से उठता दिखा बवंडर बड़गाम में बादल फटा चारधाम यात्रा बाधित, हिमाचल में भूस्खलन से रास्ता बंद