नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क : Commonwealth Games 2026 : स्कॉटलैंड के ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत हो चुकी है। सभी खिलाड़ियों ने पदक तालिका में अपना नाम जोड़ने के लिए कमर कस ली है। ऐसे में भारत के लिए एथलीटों द्वारा जेवलिन में पदक की उम्मीद की जा रही है। जिसमें भारत की ओर से इस बार सिर्फ स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ही नहीं बल्कि दो और खिलाड़ी अपना दमखम दिखाएंगे। नीरज चोपड़ा भारत की ओर से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुष जेवलिन थ्रो के सबसे बड़े स्वर्ण पदक दावेदार हैं। वे भारत के शीर्ष एथलीटों में शामिल हैं और अधिकांश विशेषज्ञ उन्हें गोल्ड जीतने का प्रबल दावेदार मान रहे हैं। उनकी प्रमुख उपलब्धियां – टोक्यो 2020 ओलंपिक स्वर्ण पदकपेरिस 2024 ओलंपिक रजत पदक2023 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप स्वर्ण पदक2018 कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदकव्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ: 90.23 मीटर हालांकि, उन्हें कड़ी चुनौती मिलने की भी संभावना है। भारत के ही रोहित यादव लुधियाना में क्वालीफाइंग मार्क हासिल करके टीम में जगह बनाई है। वहीं यशवीर सिंह ने भी लुधियाना में क्वालीफाइंग मार्क पूरा कर कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक पर कब्जा करने पहुंचे हैं। इनके अलावा 2026 सीजन में श्रीलंका के रुमेश पाथिरेज और ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स जैसे शीर्ष जेवलिन थ्रोअर भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। मेडल जीतने के मौके के साथ वापसी वैसे तो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भारत की टीम में नीरज चोपड़ा से बड़ा कोई स्टार नहीं है। चोट के कारण बर्मिंघम गेम्स में हिस्सा न ले पाने के बाद, ओलंपिक चैंपियन एक बार फिर कॉमनवेल्थ मंच पर बड़ा मेडल जीतने के मौके के साथ वापसी कर रहे हैं। चोट से उबरने के बाद नीरज ने इस सीजन में वापसी की है और धीरे-धीरे अपनी फॉर्म हासिल की है। उन्होंने अब तक 85.69 मीटर का बेस्ट थ्रो दर्ज किया है, जो उनके पर्सनल बेस्ट से कम है, लेकिन उम्मीदें हैं कि ग्लासगो में सही समय पर वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। वह 2018 में पहले ही CWG गोल्ड जीत चुके हैं, लेकिन चोट के कारण 2022 में हिस्सा नहीं ले पाए थे। इस बार यह बिल्कुल भी आसान नहीं होगा, क्योंकि उनके सामने मौजूदा ओलंपिक और CWG चैंपियन अरशद नदीम, पूर्व वर्ल्ड चैंपियन एंडरसन पीटर्स और 2026 के सबसे बेहतरीन फॉर्म वाले थ्रोअर रुमेश पथिराज होंगे। रुमेश पहले ही डायमंड लीग के दोहा लेग में नीरज को हरा चुके हैं। उस इवेंट में नीरज चौथे स्थान पर रहे थे; पिछले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद सर्किट में यह उनकी वापसी थी। 85.69 मीटर का बेस्ट थ्रो उनके स्टैंडर्ड के हिसाब से कमजोर था, लेकिन इससे यह संकेत भी मिला कि वह वापसी की राह पर हैं। Post navigation शस्त्र लाइसेंस मामले में सपा सांसद अफजाल अंसारी पर FIR दर्ज